Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है। बीज निगम के बड़े अफसर पर ढाई करोड़ की घूस लेने के मामले में अब सीधे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने जयपुर में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी और नकली खाद-बीज बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जेल जाने और इस्तीफा देने दोनों के लिए तैयार हूं

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर इस पूरे मामले में मेरा तिलभर भी हाथ सामने आया, तो मैं खुद पुलिस के सामने जाकर गिरफ्तारी दे दूंगा। सिर्फ इतना ही नहीं, मैं तुरंत अपने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दूंगा। किरोड़ी लाल ने कहा कि वे कोई पैसे के लेन-देन की बीमारी वाले नेता नहीं हैं। उन्होंने साल 1985 का वाकया याद दिलाते हुए कहा कि वे रिश्वतखोरी के खिलाफ पुलिस की गोलियों के सामने तक खड़े हो चुके हैं।

जो अफसर पकड़ा गया, वह मेरी टीम का नहीं था

इस घूसकांड में गिरफ्तार बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर को लेकर भी मंत्री ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि जिस अफसर पर एसीबी ने हाथ डाला है, वह मेरी टीम का हिस्सा नहीं था। जैसे ही एजेंसियों को उसके गलत कामों की भनक लगी, तुरंत जाल बिछाकर उसे दबोचा गया। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि कुछ लोग बाजार में उनके नाम का गलत इस्तेमाल करके अवैध वसूली का धंधा चला रहे हैं। उन्होंने एसीबी से ऐसे ब्लैकमेलरों पर भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

गोदाम सील, सैंपल फेल हुआ तो दर्ज होगी FIR

किसानों के हक की बात करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि इस समय मूंगफली की बुवाई का सीजन बेहद नजदीक है। ऐसे में किसानों को नकली बीज और खराब खाद बेचने वाले सिंडिकेट को तोड़ना जरूरी था। इसी वजह से प्रदेश के अलग-अलग संभागों में औचक निरीक्षण किए गए। मंत्री ने कहा कि डोटासरा केवल पुराने राजनीतिक बदले की भावना से उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने पहले रीट और आरएएस भर्ती घोटाले में कांग्रेस सरकार को घेरा था।

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