कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 15 साल बाद बंगाल में सत्ता का तख्तापलट हुआ है और बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ ‘सोनार बांग्ला’ के अपने संकल्प की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस जीत की गूँज न केवल कोलकाता में, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी सुनाई दे रही है। यहाँ रहने वाले बंगाली परिवारों में जश्न का माहौल है। सालों पहले बंगाल से पलायन कर चुके ये परिवार अब घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं।
बंगाली परिवारों की आंखों में खुशी
ग्वालियर की अलग अलग गलियों में रहने वाले बंगाली परिवारों के मन मे दुर्गा उत्सव और दीपोत्सव जैसी खुशी है,एक दूसरे को बंगाली मिठाई के साथ चटपटे स्वाद के लिए मशहूर झालमुडी भी खिलाई जा रही है,इसकी मुख्य वजह पश्चिम बंगाल में हुआ बड़ा सियासी बदलाव है, बीजेपी की इस बड़ी जीत ने यहाँ रहने वाले उन बंगाली परिवारों की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए हैं, जिन्होंने कभी हिंसा और असुरक्षा के कारण अपना घर छोड़ देश के अलग अलग इलाको में पलायन किया था।
दीपावली पर अपने पुश्तैनी घरों में दीप जलाएंगे- प्रोवीन मित्रा
बांग्लादेश बॉर्डर के पास के 24 परगना में रहने प्रोवीन मित्रा ने बताया है कि वहां उनका घर-जमीन सब है, परिवार वालो से बात होती रहती थी। लेकिन कभी घर वापसी की हिम्मत नही जुटा पाये। उनका कहना है कि हमने हिंसा और बेरोजगारी की वजह से अपना सुंदर बंगाल छोड़ा था। हमारे घर सालों से सूने पड़े हैं। अब हम वापस जाएंगे और इस दीपावली पर अपने पुश्तैनी घरों में दीप जलाएंगे।
अब हमारी बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी – रजनी
मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली रजनी की शादी बंगाल में हुई थी,लेकिन वहाँ आएदिन होने वाली हिंसा और बच्चियो की असुरक्षा को देखते हुए ग्वालियर आकर बस गयी। आज उनका कहना है कि अब हमारी बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी और हम बिना किसी डर के दुर्गा पूजा कर सकेंगे। बच्चे कभी भी बंगाल न जाने की बात कहते थे,आज वह अपने पुश्तेनी घर को देखने की बात कह रहे है।
मोदी जी ने झालमुड़ी को दुनिया मे पहचान दिला दी- मृणाल रॉय
बंगाल के दमदम इलाके में रहने वाले मृणाल रॉय का कहना है कि ममता सरकार की लेफ्ट की सरकार से भी ज्यादा खराब थी,उन्होंने बांगला संस्कृति को खत्म करने का काम किया। जबकि मोदी जी ने झालमुडी को दुनिया मे पहचान दिला दी। बंगाल अब अपनी खोई हुई संस्कृति को पुनर्जीवित कर सकेगा। हकीकत में बंगाल को अब आजादी मिली है।यहाँ के लोग अब गुलामी से मुक्त हुए है।
ग्वालियर में रह रहे इन परिवारों का मानना है कि इस जीत से न केवल बंगाल में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। जय श्री राम के उद्घोष के साथ ये लोग अब बंगाल को फिर से विश्व पटल पर चमकता हुआ देखना चाहते। ऐसे मे ग्वालियर में रह रहे बंगाली परिवारों के लिए यह पल किसी त्यौहार से कम नहीं है। घर वापसी की उम्मीद और ‘सोनार बांग्ला’ के सपने के साथ, ये परिवार अब एक नई शुरुआत की ओर देख रहे हैं।

