दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने अपने ‘ओपन एक्सेस’ नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पात्र उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाले एडिशनल सरचार्ज को अगले 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। नियामक आयोग का यह कदम बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए सीधे बिजली खरीद को अधिक आकर्षक और किफायती बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। माना जा रहा है कि इससे उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्रोतों से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीदने का अधिक अवसर मिलेगा।

दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) से संबंधित एक महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन सदन में पेश किया। ‘दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ओपन एक्सेस के लिए नियम और शर्तें) (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ के माध्यम से ओपन एक्सेस व्यवस्था में किए गए नए बदलावों की जानकारी दी गई। नोटिफिकेशन के अनुसार, पात्र उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाले एडिशनल सरचार्ज को अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए सीधे बिजली खरीद को अधिक आकर्षक और किफायती बनाना है। ओपन एक्सेस व्यवस्था के तहत उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य पात्र उपभोक्ताओं को स्थानीय वितरण कंपनियों के अलावा अन्य स्रोतों से भी बिजली खरीदने की सुविधा मिलती है।

4 साल में पूरी तरह खत्म होगा एडिशनल सरचार्ज

दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) के संशोधित नियमों के तहत जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA) अथवा ओपन एक्सेस सुविधा का उपयोग करने वाले पात्र उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाले एडिशनल सरचार्ज को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार इस सरचार्ज में हर वर्ष कमी की जाएगी और सुविधा मिलने की तिथि से चार वर्ष के भीतर इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा, बशर्ते संबंधित उपभोक्ता लगातार ओपन एक्सेस सुविधा का उपयोग करते रहें।

ओपन एक्सेस व्यवस्था के तहत उद्योग, शॉपिंग मॉल, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और हाउसिंग सोसाइटियां स्थानीय बिजली वितरण कंपनियों के बजाय सीधे बिजली उत्पादक कंपनियों से बिजली खरीद सकती हैं। वर्तमान में दिल्ली में प्रमुख वितरण कंपनियों में BSES और Tata Power-DDL शामिल हैं, जिनके माध्यम से अधिकांश उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है।

रिफंड नहीं मांग सकेंगे ग्राहक, DERC ने नियमों में किया स्पष्ट प्रावधान

दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) द्वारा जारी संशोधित नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा नियमों के तहत पहले से लगाए गए अथवा वसूले गए एडिशनल सरचार्ज के संबंध में उपभोक्ता किसी भी प्रकार के रिफंड, समायोजन (एडजस्टमेंट) या राशि की रिकवरी का दावा नहीं कर सकेंगे। नोटिफिकेशन के अनुसार, वितरण कंपनी (डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारी) के साथ बनाए रखी गई कॉन्ट्रैक्ट डिमांड की सीमा तक एडिशनल सरचार्ज लागू नहीं होगा। यह प्रावधान केवल उन ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर लागू होगा, जो संबंधित वितरण कंपनी के वर्तमान या पूर्व उपभोक्ता रहे हैं।

संशोधित नियमों के तहत जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA) और अस्थायी जनरल नेटवर्क एक्सेस (Temporary GNA) की परिभाषाओं को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इससे राष्ट्रीय स्तर के नियामकीय ढांचे और दिल्ली के नियमों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होने की उम्मीद है। DERC ने एक सुधार-पत्र (Corrigendum) भी जारी किया है, जिसके माध्यम से मूल गजट नोटिफिकेशन में दर्ज तिथि को 19 मार्च 2025 से संशोधित कर 19 मार्च 2026 कर दिया गया है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी संशोधन के अलावा नियमों और प्रावधानों के मुख्य स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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