यमुनानगर। जठलाना गांव में बिजली निगम के रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता यानी सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (SE) जगदीश बंसल की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने करनाल के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस पूरी वारदात की साजिश जेल के अंदर बैठकर रची गई थी। आरोपी हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए थे और उन्होंने लूटपाट के इरादे से बुजुर्ग की हत्या की।
सीसीटीवी में घूमते दिखे आरोपी
पुलिस ने बताया कि, जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footages) चेक किए। वारदात वाली रात बाइक पर दो संदिग्ध घूमते हुए दिखे थे, यहीं से पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए करनाल के गांव घीड निवासी अजय कुमार और अंकित को अरेस्ट कर लिया। पकड़े गए आरोपियों का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड (Criminal Record) है। आरोपी अजय पर लूट और चोरी के 6 और अंकित पर 4 केस पहले से ही दर्ज हैं।
चोरी की नीयत से घूसे थे आरोपी
पूछताछ में सामने आया कि 18-19 जून की रात को दोनों आरोपी चोरी की नीयत से जगदीश बंसल के घर की दीवार फांदकर अंदर घुसे थे। तभी 85 साल के बुजुर्ग बंसल की नींद खुल गई और उन्होंने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने धारदार हथियार और लोहे की रॉड से हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
घर में अकेले रहते थे बुजुर्ग
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बिजली निगम से रिटायर होने के बाद बुजुर्ग जगदीश बंसल घर में अकेले ही रहते थे। वे बेहद शांत और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। उम्र ज्यादा होने के कारण वे घर से कम ही बाहर निकलते थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड (Police Remand) पर लेगी ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा सकें।

