ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशव्यापी आह्वान पर रेवाड़ी जिले के केमिस्टों ने दो घंटे तक अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखकर एक सांकेतिक हड़ताल की।
धनेश, रेवाड़ी। ऑनलाइन दवा वितरण कंपनियों की नीतियों के खिलाफ पूरे देश के दवा व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में ई-फार्मेसी के विरोध में देश भर के लगभग 8 लाख केमिस्ट बीती शाम एक साथ बड़ी हड़ताल पर चले गए। इस देशव्यापी आंदोलन का सीधा असर हरियाणा के जिला रेवाड़ी में भी साफ तौर पर दिखाई दिया, जहाँ स्थानीय दवा विक्रेताओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए दो घंटे के लिए अपनी केमिस्ट शॉप्स को पूरी तरह बंद रखा। दवा विक्रेताओं की इस ड्रग्स एंड केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, यह एक तरह की सांकेतिक हड़ताल थी, जिसके माध्यम से सरकार को चेतावनी दी गई है।
अत्याधिक आर्थिक राहत और कानूनी प्रावधान न होने पर आपत्ति
दवा केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा बुलाई गई इस आपातकालीन हड़ताल की मुख्य वजह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेची जा रही दवाओं के लिए कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्याधिक आर्थिक राहत (भारी डिस्काउंट) को बताया गया है। इस भारी छूट के कारण स्थानीय खुदरा व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है। इसके साथ ही केमिस्टों ने इस बात पर भी कड़ा एतराज जताया है कि देश के संबंधित मौजूदा कानून में इंटरनेट या ऑनलाइन माध्यम से दवा बेचने का कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान शामिल नहीं है, जिससे यह पूरी व्यवस्था अवैध है।

