रेवाड़ी में चुनावी सरगर्मी के बीच वार्ड 15 से निवर्तमान पार्षद की पुत्रवधु दीपिका अत्री और वार्ड 22 से तीन बार के पार्षद रहे रामौतार छावड़ी ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। दोनों प्रत्याशियों ने वार्ड के विकास और जनसेवा को अपनी मुख्य प्राथमिकता बताया है।

धनेश, रेवाड़ी। हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर रेवाड़ी नगर परिषद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरे परवान पर है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 15 से दीपिका अत्री भारद्वाज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दीपिका अत्री इसी वार्ड से निवर्तमान पार्षद गिरीश भारद्वाज की पुत्रवधु हैं। नामांकन के उपरांत उन्होंने वार्डवासियों से मुलाकात कर आगामी 10 मई को अपने पक्ष में आशीर्वाद रूपी वोट देने की भावुक अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके परिवार ने सदैव वार्ड की जनता की निस्वार्थ सेवा की है और वे स्वयं भी इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए आमजन की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी।

अनुभव बनाम विकास: वार्ड 22 से रामौतार छावड़ी की दावेदारी

वार्ड नंबर 22 में भी चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है, जहाँ तीन बार पार्षद रह चुके रामौतार छावड़ी ने पांचवीं बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी ताल ठोक दी है। नामांकन के बाद छावड़ी ने कहा कि वे वार्ड के हितों की लड़ाई के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने निवर्तमान पार्षद पर विकास कार्यों में कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की इच्छा के अनुरूप कार्य नहीं हुए। रामौतार छावड़ी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे वार्ड में सामुदायिक भवन का निर्माण, सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने और पिछले पांच वर्षों में प्रभावित हुए सामाजिक भाईचारे को पुनः मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल और प्रशासनिक सतर्कता

वार्ड 22 में चल रहे विकास कार्यों को लेकर रामौतार छावड़ी ने संतोष तो जताया, लेकिन साथ ही निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही की निंदा भी की। इस दौरान वार्ड निवासी आरडी जांगिड़ ने मौके पर आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उच्चाधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की। गौरतलब है कि छावड़ी ने वर्ष 2014 में तत्कालीन मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के माध्यम से एक निर्माण कार्य का शुभारंभ करवाया था, जो कानूनी बाधाओं के बाद अब पुनः शुरू हुआ है। नामांकन के साथ ही दोनों वार्डों में चुनावी प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है।