हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रेवाड़ी में आपसी समझौते के जरिए केस निपटाने के लिए राष्ट्रीय और विशेष लोक अदालतों का शेड्यूल जारी किया गया है। सीजेएम अमित वर्मा ने आमजन से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
धनेश, रेवाड़ी। जिला न्यायालय में लंबित मुकदमों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए आगामी मई माह में विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार 9 मई को ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा। इस अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में खत्म करना है। इसके साथ ही, चेक बाउंस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 30 मई और 18 जुलाई को विशेष लोक अदालतों के आयोजन का भी निर्णय लिया गया है।
इन मामलों का होगा समाधान: त्वरित और नि:शुल्क न्याय की पहल
9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को विचारार्थ रखा जाएगा। इनमें मुख्य रूप से बैंक ऋण विवाद, चेक बाउंस (धारा 138 एन.आई. एक्ट), मोटर दुर्घटना दावा (MACT), वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद और बिजली-पानी के बिलों से संबंधित लंबित व प्री-लिटिगेशन मामले शामिल हैं। सीजेएम अमित वर्मा ने विशेष रूप से चेक बाउंस मामलों के पक्षकारों को सूचित किया है कि जो व्यक्ति आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं, वे 29 मई 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर अपना आवेदन दे सकते हैं।
लोक अदालत के अवार्ड की कानूनी मान्यता और लाभ
लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि यहाँ पारित किया गया ‘अवार्ड’ सिविल न्यायालय की डिक्री के समान ही प्रभावी होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोक अदालत के फैसले के विरुद्ध किसी भी उच्च न्यायालय में अपील का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। इससे न केवल पक्षकारों के कीमती समय और श्रम की बचत होती है, बल्कि वकील की फीस और अन्य अदालती खर्चों (कोर्ट फीस) का बोझ भी कम होता है। उन्होंने जिला वासियों से आह्वान किया कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने पुराने विवादों को हमेशा के लिए खत्म करें।

