हिसार। लोकतंत्र में एक वोट की कीमत क्या होती है, इसका अनोखा उदाहरण नारनौंद के पेटवाड़ गांव में देखने को मिला। वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर-2 से पंच पद का चुनाव लड़ने वाली रितु रानी को महज एक वोट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन 3 साल, 6 महीने और 25 दिन बाद चुनाव परिणाम पूरी तरह बदल गया। कोर्ट के आदेश पर हुई वोटों की दोबारा गिनती में रितु रानी को विजेता घोषित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए रितु रानी ने सिविल कोर्ट (इलेक्शन ट्रिब्यूनल) में याचिका दायर की थी। अदालत के निर्देश पर शुक्रवार को एसडीएम विकास यादव की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतों की पुनर्गणना कराई गई।
रिकाउंटिंग के दौरान प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार कमलेश के दो मत अमान्य पाए गए। इसके बाद कमलेश के वैध मत 119 से घटकर 117 रह गए, जबकि रितु रानी के 118 मत वैध मिले। नतीजतन रितु रानी एक वोट के अंतर से विजेता घोषित कर दी गईं।

करीब साढ़े तीन साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद बदले इस परिणाम की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि लोकतंत्र में हर वोट की अपनी अहमियत होती है और एक वोट भी किसी की हार को जीत में बदल सकता है।
- ऑडियो के बाद अब स्मार्टफोन बाजार में Mivi की एंट्री : 24 सितंबर को पहला Mivi One 5G होगा लॉन्च
- पानीपत मंडी में 1509 धान की बंपर आवक, अब तक 90 हजार क्विंटल पहुंची फसल
- ‘रूस की अर्थव्यवस्था भारत पर निर्भर’, जेलेंस्की का दावा- भारत से तेल व्यापार बंद होने से रुक सकता है यूक्रेन-रूस वॉर
- iPhone यूजर्स की मौज : एयरटेल ने दिया बड़ा तोहफा, इस प्लान पर फ्री मिलेगा Apple TV और iCloud+, जानें डिटेल्स
- किशनगंज में बैंक से लौट रहे CSP संचालक को नशा देकर लूटा, अस्पताल ले जाते समय मौत


