कुंदन कुमार/​पटना। बिहार में शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन और राज्य में लगातार बढ़ रही शराब तस्करी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि बिहार पुलिस पूरी तरह से विफल साबित हो रही है और शराब माफियाओं के सामने नतमस्तक है।

​शराबबंदी कानून बना तमाशबीन

​एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि 2016 से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन यह केवल कागजों तक ही सीमित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों से शराब की अवैध तस्करी का सिलसिला अनवरत जारी है। स्थिति यह है कि बिहार के घर-घर तक शराब पहुंचाई जा रही है, जो सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।

​भ्रष्टाचार और माफिया का गठजोड़

राजद प्रवक्ता ने एक बेहद चिंताजनक पहलू को उजागर करते हुए कहा कि जब भी कोई सजग व्यक्ति या पत्रकार शराब माफियाओं के इस काले खेल का भंडाफोड़ करने की कोशिश करता है तो उसे ही फंसाने की साजिश रची जाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक पत्रकार के साथ हुई घटना इसका प्रमाण है। पुलिस और माफिया का गठजोड़ इतना मजबूत है कि सच्चाई बोलने वालों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

​पत्रकारों को दी निडर होकर कार्य करने की सलाह

​एजाज अहमद ने राज्य के पत्रकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह के दबावों के बावजूद मीडिया को सच्चाई सामने लाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा पत्रकार बिना किसी डर के शराब माफियाओं की करतूतों को उजागर करें। जनता पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
​अंत में उन्होंने सरकार से मांग की है कि शराब तस्करी को रोकने के बजाय पुलिस पत्रकारों को प्रताड़ित करना बंद करे। इस बयान ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति और शराबबंदी की सफलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।