अविनाश श्रीवास्तव/​सासाराम। जिले सहित पूरे रोहतास जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जून के महीने में सूरज की तल्ख किरणों और प्रचंड तापमान ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है। इस बेतहाशा गर्मी के कारण न केवल सामान्य दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है। मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचने को मजबूर हैं।

​सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद

​सासाराम का सदर अस्पताल इन दिनों मरीजों से खचाखच भरा हुआ है। अस्पताल में आने वाले लोगों में लू, डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण), उल्टी-दस्त और तेज बुखार के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल के वार्ड मरीजों से भरे हुए हैं और स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों के उपचार में जुटे हैं।
​मरीज अयोध्या शर्मा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि गर्मी के कारण शरीर में कमजोरी और चक्कर आने की समस्या बढ़ गई है। वहीं, स्थानीय निवासी चंद्रकांत सिंह का कहना है कि उमस इतनी अधिक है कि बिना बाहर निकले भी लोग बीमार पड़ रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अस्पताल में आने के बाद भी मरीजों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।

​मौसम का उतार-चढ़ाव और स्वास्थ्य जोखिम

​सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने इसे चिंताजनक स्थिति बताया है। डॉ. सिंह के अनुसार मौजूदा समय में तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण शरीर का तापमान नियंत्रित रखना मुश्किल हो रहा है, जिससे मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। उन्होंने बताया कि उमस के कारण शरीर से पसीना अधिक निकल रहा है जिससे पानी की कमी हो रही है और लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं।

​डॉक्टरों की सलाह: एहतियात ही बचाव है

  • ​चिकित्सकों ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं:
  • ​हाइड्रेटेड रहें: अधिक से अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS) घोल, नींबू-पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • ​धूप से बचाव: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बहुत जरूरी काम हो तो सिर ढककर ही बाहर निकलें।
  • ​खान-पान: हल्का और सुपाच्य भोजन लें। बासी खाने से परहेज करें।
  • ​सावधानी: शरीर में अधिक कमजोरी, तेज बुखार या बेहोशी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

​मानसून का इंतजार और अनिश्चित मौसम

​जून का महीना बीतने को है लेकिन मानसून की सक्रियता अभी भी लोगों के लिए उम्मीद और परेशानी का सबब बनी हुई है। कभी-कभी होने वाली छिटपुट बारिश और उसके बाद की उमस ने वातावरण को और अधिक कष्टकारी बना दिया है। मौसम की यह अनिश्चितता बीमारियों को न्योता दे रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय होकर तापमान में गिरावट नहीं लाता तब तक आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आने वाले कुछ दिन स्वास्थ्य के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं इसलिए सतर्कता ही इस गर्मी से बचने का एकमात्र उपाय है।