हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 2.06 करोड़ वोटरों में से 1.28 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड सही पाया गया है, जबकि 77.86 लाख वोटरों के रिकॉर्ड का सत्यापन जारी है। निर्वाचन विभाग 31 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा, जिसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।
चंडीगढ़। हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण में बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य के 2.06 करोड़ मतदाताओं में से 1.28 करोड़ से अधिक वोटरों का रिकॉर्ड पूरी तरह सही पाया गया है, जबकि करीब 77.86 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन होना बाकी है। ऐसे में इन वोटरों के नामों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। 31 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, हरियाणा में कुल 2,06,55,929 मतदाता हैं। इनमें से 1,28,69,929 मतदाताओं का रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। वहीं, 26.29 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां मिली हैं, जबकि 18.57 लाख मतदाताओं की सही मैपिंग नहीं हो सकी। इसके अलावा अन्य सत्यापन से जुड़े मामलों को मिलाकर करीब 77.86 लाख मतदाताओं का रिकॉर्ड अभी जांच और पुष्टि के दायरे में है।
हालांकि निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां मिली हैं या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके नाम सीधे मतदाता सूची से नहीं हटाए जाएंगे। ऐसे सभी रिकॉर्ड ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में प्रकाशित किए जाएंगे और संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित समय के भीतर सही दस्तावेज उपलब्ध कराने पर उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेंगे। केवल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या रिकॉर्ड सही नहीं पाए जाने की स्थिति में ही नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक मतदाता अपने नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 3 अक्टूबर को हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।


