उत्तर प्रदेश में एल्युमिनियम बेवरेज कैन निर्माण के लिए बॉल कॉरपोरेशन और क्राउन होल्डिंग्स बड़े निवेश की तैयारी में हैं. दोनों परियोजनाओं से विनिर्माण क्षमता, सप्लाई चेन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एल्युमिनियम बेवरेज कैन निर्माण के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं. गुरुवार को बॉल कॉरपोरेशन और क्राउन होल्डिंग्स के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राज्य में प्रस्तावित और चल रही विनिर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी साझा की.

बॉल कॉरपोरेशन की भारतीय इकाई ने मेरठ स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर में अपनी प्रस्तावित परियोजना के लिए जमीन का चयन पूरा कर लिया है. कंपनी करीब 2,913 करोड़ रुपये के निवेश से एल्युमिनियम बेवरेज कैन का बड़ा विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी.

मेरठ में प्रस्तावित संयंत्र

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बॉल कॉरपोरेशन के सीईओ रॉन लुईस के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी. कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश की एफडीआई नीति 2023 के तहत नीतिगत प्रोत्साहन दिए जाएंगे.

सरकार के मुताबिक, इस निवेश से राज्य के पैकेजिंग और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. साथ ही वैश्विक कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है.

उन्नाव में क्राउन की परियोजना

क्राउन होल्डिंग्स के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में कंपनी के ईवीपी एवं सीओओ डाल्मा नोवेस और बेवकैन ईएमईए के प्रेसिडेंट मार्क केचिसन शामिल रहे.

यह मुलाकात उन्नाव स्थित आईएमएलसी में कंपनी की पहली ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण सुविधा के ग्राउंडब्रेकिंग के बाद हुई. करीब 40 एकड़ में स्थापित होने वाली इस परियोजना में 2,078.44 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

1,500 से ज्यादा अप्रत्यक्ष रोजगार

प्रस्तावित संयंत्र में भारत के तेजी से बढ़ते पेय उद्योग के लिए एल्युमिनियम कैन का निर्माण किया जाएगा. क्राउन होल्डिंग्स की परियोजना से 200 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव, सप्लायर नेटवर्क और सहायक उद्योगों के जरिए 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. दोनों परियोजनाओं से प्रदेश में पैकेजिंग इकोसिस्टम के विस्तार, विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

निवेश नीतियों पर भरोसा

मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठकों में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा यूपीईडा के सीईओ दीपक कुमार और इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ शशांक चौधरी भी मौजूद रहे.

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, बॉल कॉरपोरेशन और क्राउन होल्डिंग्स जैसे वैश्विक निर्माताओं का राज्य में निवेश प्रदेश के औद्योगिक वातावरण और निवेश नीतियों में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. सरकार इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश को उन्नत विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है.