मधुबनी। जिले के लखनौर प्रखंड कार्यालय से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मजदूर अपनी रोजी-रोटी की गुहार लगाते हुए अधिकारी का पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता नजर आ रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्तर पर रोजगार गारंटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​9 महीने से चक्कर काट रहे मजदूर

​लखनौर प्रखंड क्षेत्र के लगभग 500 मजदूरों ने रोजगार के लिए विधिवत आवेदन किया था। नौ महीने से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बावजूद इन मजदूरों को एक दिन का भी काम नहीं मिला है। पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले कई महीनों से प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राजेश राम और कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) के दफ्तर के रोजाना चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

​परिवार चलाना हुआ मुश्किल

​वायरल वीडियो में दिख रहा युवक अपनी बदहाली और बेबसी बयां करते हुए अधिकारी से रोजगार की भीख मांग रहा है। मजदूरों का कहना है कि उनके पास आजीविका का कोई अन्य साधन नहीं बचा है। काम के अभाव में उनके सामने अपने बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घर का खर्च चलाना असंभव हो गया है। इस बीच बारिश के मौसम और आसमान छूती महंगाई ने उनकी आर्थिक परेशानियों को और अधिक बढ़ा दिया है।

​रोजगार नहीं तो बेरोजगारी भत्ता देने का नियम

​नियमों के मुताबिक, रोजगार गारंटी योजना के तहत काम की मांग करने के बाद यदि तय समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि, यहां नौ महीने बीत जाने के बाद भी न तो मजदूरों को काम नसीब हुआ और न ही उन्हें नियमानुसार मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता ही दिया गया।

​सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाया मामला

​इस गंभीर मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अकबर ने प्रखंड विकास अधिकारी के समक्ष मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और इस पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर अपने बुनियादी हक के लिए अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान न होना बेहद चिंताजनक और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

​प्रशासन की प्रतिक्रिया और चेतावनी

​मजदूरों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि उन्हें या तो तत्काल रोजगार मुहैया कराया जाए या फिर नियमों के तहत बेरोजगारी भत्ते का भुगतान किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। वहीं, दूसरी ओर प्रखंड प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की इस शिकायत की पूरी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक उचित कार्रवाई की जाएगी।