कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग और तीखे बयानों का पारा सातवें आसमान पर है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने दो-ूक शब्दों में कहा है कि चिराग पासवान ‘जेन जी’ के मुद्दों पर सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जबकि असल जमीन पर युवाओं और छात्रों की लड़ाई सिर्फ और सिर्फ तेजस्वी यादव लड़ रहे हैं। राजद के इस आक्रामक रुख ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

​जेन जी और जेन अल्फा पर सियासी संग्राम

​आजकल राजनीतिक मंचों पर Gen Z और Gen Alpha जैसे आधुनिक शब्दों को खूब उछाला जा रहा है। इसी पर तंज कसते हुए राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि इन पीढ़ियों के दर्द और मुद्दों पर सियासत करने वाले लोग सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि जेन जी से लेकर जेन अल्फा तक के भविष्य को संवारने और उनके हक की आवाज उठाने के लिए अगर कोई नेता सबसे प्रखर होकर खड़ा है, तो वे तेजस्वी यादव हैं। पार्टी का दावा है कि बिहार का युवा और छात्र वर्ग इस बात को अच्छी तरह समझता है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ बयानबाजी कर रहा है।

​शिक्षक भर्ती और शिक्षकों के हक में राजद का कड़ा संघर्ष

​राजद ने अपने तेवर और तीखे करते हुए कहा कि बिहार में चाहे मेगा शिक्षक भर्ती का मामला हो या फिर वित्तरहित और नियोजित शिक्षकों का गंभीर संकट, हर मोर्चे पर असली संघर्ष राजद ने ही किया है। राजद प्रवक्ता ने यह भी खुलासा किया कि उनकी पार्टी केवल जुबानी जमा-खर्च नहीं करती, बल्कि सत्ता के गलियारों में बैठे अधिकारियों को पत्र लिखकर सीधे और तीखे सवाल पूछती है। पार्टी का साफ मानना है कि जब सत्ता में बैठे लोग चुनाव नजदीक आते ही युवाओं के हित में घड़ियाली आंसू बहाते हैं, तो जनता इसे एक सोची-समझी राजनीतिक चाल के रूप में देखती है।

​चुनावी समीकरण और शिक्षकों का भरोसा

​राजद का यह भी दावा है कि शिक्षकों के हित और उनके अधिकार के लिए तेजस्वी यादव ने जो साहसिक कदम उठाए हैं, उन्हें राज्य के वित्तरहित और नियोजित शिक्षक भली-भांति जानते हैं। पार्टी पूरी तरह आश्वस्त है कि आने वाले किसी भी चुनाव में यह बड़ा वर्ग राजद का हाथ थामेगा और सरकार के खिलाफ लड़ी जा रही इस निर्णायक लड़ाई को और अधिक मजबूती देगा।