कुंदन कुमार/पटना। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा बकरीद और कुर्बानी को लेकर दिए गए विवादित बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली साजिश करार दिया है।
”संविधान की गरिमा के खिलाफ है बयान”
एजाज अहमद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नितेश राणे का बयान न केवल अनुचित है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी विपरीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म और आस्था के अनुरूप त्योहार मनाने की पूरी आजादी देता है। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा दूसरे धर्म के त्योहार पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी देश की विविधता और एकता के ताने-बाने को कमजोर करती है।
”बीजेपी का एजेंडा सामाजिक अशांति फैलाना”
राजद प्रवक्ता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है। बीजेपी के नेता सुनियोजित तरीके से अलग-अलग राज्यों में भड़काऊ बयान देकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “समाज को बांटने की यह कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। जब देश को विकास और शांति की जरूरत है, तब भाजपा नेता अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए धार्मिक उन्माद का सहारा ले रहे हैं।”
”जनता समय आने पर देगी जवाब”
एजाज अहमद ने यह साफ कर दिया कि मुस्लिम समुदाय वर्षों से अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करता आया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए पर्व-त्योहारों को निशाना बना रहे हैं, उन्हें जनता बारीकी से देख रही है। ऐसे नकारात्मक सोच वाले लोगों को जनता समय आने पर करारा जवाब देगी।”
अंत में, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे देश के सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण या भड़काऊ बयानों से देश की प्रगति नहीं होगी, बल्कि आपसी भाईचारे और सौहार्द से ही भारत मजबूत बनेगा। यह बयान न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

