कुंदन कुमार, पटना। बिना किसी सदन का सदस्य होते हुए बिहार सरकार में दीपक प्रकाश के लगातार दो बार मंत्री बनने को लेकर आई सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया पर राजद ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि किस हालत में बिना किसी सदन के सदस्य होते हुए दीपक प्रकाश को दो-दो बार मंत्री बनाया गया? जिसपर राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि, दीपक प्रकाश को लेकर जो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, वो सत्ता प्रतिष्ठान के लिए डूब जाने वाली जैसी बात है।

दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि, आप बताए किस तरह बिना किसी सदन का सदस्य हुए उनको (दीपक प्रकाश) दो-दो बार मंत्री बनाया गया? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये सब जदयू ने किया है और अब सब कुछ सम्राट चौधरी के मत्थे मढ़ा जा रहा है। क्या किया गया? क्या नहीं? जनता सब देख रही है। अब कहीं कोई सीट भी खाली नहीं है। कहीं कोई उम्मीद भी नहीं है। फिर भी ये लोग कहते हैं मंत्री बना रहेगा। अरे भाई कैसे? ये तो अब सुप्रीम कोर्ट को बताइए।

शक्ति सिहं यादव ने सीएम सम्राट चौधरी से मांग किया कि मंत्री दीपक प्रकाश को फौरन अपने मंत्रिमंडल से हटाए। क्योंकि अब कोर्ट भी ये कहने लगा है कि वो गलत तरीके से मंत्री बने या बनाए गए हैं।

2025 चुनाव के बाद दोनों सरकार में बने मंत्री

आपको बता दें कि दीपक प्रकाश को पहली बार 20 नवंबर 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री बनाया गया था। उस समय भी वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में 15 अप्रैल 2026 को सरकार गिरने के साथ मंत्रिपरिषद भंग हो गई। इसके बाद 7 मई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार में दीपक प्रकाश को फिर से मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में इसी पुनर्नियुक्ति पर आपत्ति जताई गई है, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की है।

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