कुंदन कुमार/पटना। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आखिरकार 10 सर्कुलर रोड स्थित अपना सरकारी आवास भवन निर्माण विभाग को सौंप दिया है। करीब 20 वर्षों तक राजद परिवार का केंद्र रहा यह बंगला अब खाली हो चुका है। विभाग द्वारा आवास की जांच और सामानों के सत्यापन के बाद राबड़ी देवी को एनओसी (NOC) दे दी गई है। हालांकि इस प्रक्रिया ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर उबाल ला दिया है।

​राजनीतिक द्वेष का आरोप

​राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसे सत्ता का अहंकार करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा वापस लेना और आवास खाली कराने का नोटिस देना पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। यादव ने कहा हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हमें किसी मोह-माया से कोई सरोकार नहीं है। हमने स्वेच्छा से बंगला खाली कर दिया है।

​नफरती जमात पर शक्ति सिंह का पलटवार

​शक्ति सिंह यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्हें नफरती जमात बताया। उन्होंने तीखे लहजे में कहा ये लोग वही हैं जो अक्सर टोंटी, खपड़ा पंखा और नल चोरी का बेबुनियाद आरोप लगाते रहे हैं। हमने भवन निर्माण विभाग से बार-बार लिस्ट मांगी थी कि क्या-क्या सामान दिया गया था लेकिन विभाग ने स्वीकार किया कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने कोई नया सामान उपलब्ध नहीं कराया है।
​तहखाना होने की चर्चाओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने चुनौती दी जो लोग कह रहे थे कि वहां तहखाना है वे पोकलेन मशीन लेकर आएं और खुद खुदाई करके देख लें।

​सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल

​लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा श्रेणी में फेरबदल को लेकर भी राजद ने सरकार को घेरा है। शक्ति सिंह यादव ने सरकार से सुरक्षा कटौती के स्पष्ट साक्ष्य और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं चपरासी क्वार्टर में रहने के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद का परिवार हमेशा से जमीन से जुड़ा रहा है और वे मातृभूमि व जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर आज भी अडिग हैं।

​जीतन राम मांझी पर तंज

​शक्ति सिंह यादव ने जीतन राम मांझी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे वे कहीं भी रहें उनकी मानसिकता और राजनीतिक अस्थिरता जगजाहिर है।