अजयारविंद नामदेव, शहडोल। रक्षाबंधन पर जहां बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर खुशियां मना रही थीं, वहीं शहडोल के आखेटपुर डाला टोला में महिलाओं ने सड़क पर धान का रोपा लगाकर सिस्टम के सामने अपनी परेशानी का ऐसा विरोध दर्ज कराया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। कीचड़ से लथपथ सड़क पर महिलाओं ने स्थानीय लोकगीत गाते हुए धान रोपा और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की।
शहडोल जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत आखेटपुर डाला टोला के वार्ड नंबर-1 की यह सड़क बारिश के मौसम में रास्ते से ज्यादा कीचड़ का खेत बन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 400 घरों के लोगों का इसी रास्ते से आवागमन होता है। बारिश होते ही सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना तो दूर, दोपहिया और अन्य वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
महिलाओं ने सड़क पर धान का रोपा लगाकर प्रशासन को संदेश दिया कि स्थिति कितनी खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में इतना पानी और कीचड़ है कि उसमें धान रोपा जा सकता है, लेकिन आवागमन के लिए पक्की सड़क नहीं बनाई जा रही, खास बात यह है कि शनिवार को आखेटपुर में प्रशासनिक शिविर आयोजित होना है। शिविर से ठीक एक दिन पहले हुए इस अनोखे प्रदर्शन ने प्रशासन के सामने ग्रामीणों की समस्या को फिर ला खड़ा किया है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। कीचड़ और पानी के कारण बच्चे कई बार स्कूल नहीं पहुंच पाते, ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कभी सड़क को वन विभाग की जमीन से जुड़ा मामला बताया जाता है तो कभी राजस्व भूमि का हवाला देकर निर्माण की मांग टाल दी जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन किस विभाग की है, यह प्रशासन तय करे, लेकिन विभागों की खींचतान का खामियाजा ग्रामीण क्यों भुगतें?
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