कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जिले के डबरा में सामने आए हाई-प्रोफाइल लूटकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे में ऐसा खुलासा किया है, जिसने रिश्तों की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस भाई को फरियादीया अपना सबसे करीबी मानती थी, उसी ने अपनी पत्नी और दोस्तों के साथ मिलकर लाखों रुपये की नकदी और जेवर हड़पने की साजिश रच डाली। राहत की बात यह है कि पुलिस ने न सिर्फ पूरे मामले का पर्दाफाश किया बल्कि चोरी गया लगभग पूरा माल भी बरामद कर लिया है। खास बात यह भी है कि लूट की खुशी में मुख्य आरोपी के “नायक नहीं खलनायक हूं में” फिल्मी गाने पर नाचने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
ढाई लाख नकद और लाखों के जेवर की लूट
दरअसल बीते 4 जून को डबरा सिटी थाना क्षेत्र में रहने वाली मोनिका उर्फ रानू श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी भाभी पिंकी घर पर अकेली थीं। तभी दो अज्ञात युवक AC सर्विसिंग के बहाने घर में घुसे, मारपीट की और अलमारी से ढाई लाख रुपये नकद, लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया।
घर के लोगों द्वारा रची गई साजिश थी
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच आगे बढ़ी तो कहानी में बड़ा ट्विस्ट सामने आया। पुलिस को पता चला कि यह कोई लूट नहीं बल्कि घर के अंदर के लोगों द्वारा रची गई साजिश थी। SSP धर्मवीर सिंह के मुताबिक फरियादीया मोनिका का करीबी भाई शुभम श्रीवास्तव और उसकी पत्नी पिंकी आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। दोनों पिछले कुछ महीनों से फरियादी के घर पर ही रह रहे थे। इसी दौरान पिंकी की नजर घर में रखे नकदी और जेवरों पर पड़ी और दोनों ने उन्हें हड़पने की योजना बना ली।
मामूली चोट पहुंचाकर लूट का रूप दिया
योजना के मुताबिक शुभम ने अपने दोस्त सोनू कोशिक और आसिफ खान को साथ लिया। घटना वाले दिन पिंकी ने खुद घर का गेट खोला ताकि दोनों साथी आसानी से अंदर आ सकें। इसके बाद आरोपियों ने लूट जैसा माहौल बनाने के लिए अलमारी तोड़ी, घर में तोड़फोड़ की और पिंकी को मामूली चोट पहुंचाकर वारदात को असली लूट का रूप देने की कोशिश की।लूट की कहानी गढ़ने के बाद नकदी और जेवर अलग-अलग जगहों पर छिपा दिए गए।
बरामद माल की कीमत 49 लाख
धर्मवीर सिंह, SSP ग्वालियर ने बताया पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर 2 लाख 50 हजार रुपये नकद, करीब 252 ग्राम सोने के जेवर, 1.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई। बरामद माल की कुल कीमत करीब 49 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
सभी आरोपी सलाखों के पीछे
इस पूरे मामले में सबसे भावुक पहलू फरियादीया मोनिका श्रीवास्तव का दर्द है। फरियादीया का कहना है कि जिस भाई के रिश्ते पर उन्हें सबसे ज्यादा भरोसा था, उसी ने विश्वास तोड़ दिया। हालांकि उन्हें इस बात की खुशी है कि पुलिस की तत्परता से उनका पूरा चोरी गया माल वापस मिल गया और साजिश में शामिल सभी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
24 घंटे में फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश
बहरहाल डबरा में सामने आया यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अपराध की साजिश कई बार घर के भीतर से भी निकल सकती है। लेकिन इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ 24 घंटे में फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश किया बल्कि लगभग 50 लाख रुपये का माल भी बरामद कर लिया। इसके साथ ही रिश्तों में कभी नायक रहने वाले भाई के खलनायक बनने के बाद मिले इस धोखे की चर्चा अब पूरे इलाके में है।

