Bihar News: पीएम मोदी ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर आज गुरुवार (23, जुलाई) को पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। प्रधानमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान कर मामले की जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। पीएम मोदी की इस बयान पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
घबरा कर अब जागे हैं मोदी जी- रोहिणी
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, मोदी जी घबरा कर अब जागे हैं, मगर अपनी कोरी बयानबाजी से आगे कुछ नहीं बता पा रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि, पीएम मोदी के शासनकाल के पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए, मगर वे अब जागे हैं और देश के युवाओं एवं छात्रों के क्रांतिकारी रुख-रवैये से घबरा कर देश के युवाओं के हित और भविष्य के प्रति अपनी चिंता जता रहे हैं।
रोहिणी ने पूछे कई तीखे सवाल
रोहिणी आचार्य ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी देश के छात्रों-युवाओं के साथ-साथ पूरा देश आपसे ये जानना चाहता है कि पेपर लीक के सैंकड़ों मामले सामने आने के बाद भी अब तक आप हाथ पर हाथ धरे बैठे क्यूं थे? पेपर लीक के मामलों में अब तक आपकी और आपकी सरकार की उदासीनता-निष्क्रियता की वजह क्या रही?
पेपर लीक के मामलों की जिम्मेदारी-जवाबदेही आपने अपने शिक्षा मंत्री पर अब तक क्यों तय नहीं की? पेपर लीक की वजह से जान गंवाने वाले दर्जनों छात्रों के लिए आपकी तरफ से कभी कोई एक भी संवेदना क्यों नहीं व्यक्त की गई? जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए आपने क्या सोचा है?
कोरी बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होने वाला- रोहिणी
रोहिणी आचाय ने पीएम मोदी से पूछा कि, अपने भविष्य को संवारने की उम्मीद लगाए देश के करोड़ों युवाओं-छात्रों के भविष्य को गर्त में धकेलने वाले पेपर लीक को खत्म करने, रोकने के लिए आपके व् आपकी सरकार के पास कोई स्थायी समाधान, ब्लू-प्रिंट, रोड मैप है क्या?
अगर है तो आप उसे देश के सामने प्रस्तुत करें, अन्यथा आपकी कोरी बयानबाजी से देश के युवाओं-छात्रों के हित में कुछ भी हासिल नहीं होने वाला। कोरी बयानबाजी आपकी फितरत है, देश के साथ पूरी दुनिया इससे वाकिफ है।
किसी बी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा- पीएम मोदी
बता दें कि पेपर लीक मामले पर आज गुरुवार को पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम ने कहा कि, पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि, विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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