अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। बिहार के रोहतास जिले अंतर्गत डेहरी के न्यू एरिया (वार्ड नंबर 17) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक निजी आवास पर चल रही प्रार्थना सभा को जबरन रुकवा दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शीतला माता मंदिर के समीप एक किराए के मकान में पिछले कई महीनों से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। उनका दावा है कि यहां प्रार्थना के नाम पर भोले-भले ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को प्रलोभन देकर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है।

​बजरंग दल और विहिप का कड़ा विरोध

​बजरंग दल के सदस्यों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि आस-पास के विभिन्न गांवों से लोगों को यहां इकट्ठा किया जाता है। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि निजी आवास को अवैध रूप से चर्च के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। विरोध बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद डेहरी थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

​पुलिस की कार्रवाई और आयोजकों को सख्त हिदायत

​मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने आयोजन स्थल का जायजा लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के इस तरह भीड़ इकट्ठा करना नियमों के विरुद्ध है। पुलिस ने फिलहाल प्रार्थना सभा पर रोक लगा दी है और आयोजकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी प्रकार की ‘चंगाई सभा’ या धार्मिक आयोजन से पहले स्थानीय प्रशासन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

​आयोजकों का पक्ष और पुलिसिया जांच

​दूसरी ओर, सभा के आयोजकों ने धर्मांतरण के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे केवल साप्ताहिक प्रार्थना के लिए एकत्र होते हैं और यहां किसी का धर्म नहीं बदला जा रहा। फिलहाल, पुलिस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।