रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आरआरबी भर्ती प्रक्रियाओं में ज्यादा पारदर्शिता, सटीकता और तकनीक आधारित सिस्टम लागू करने पर जोर दिया है. सभी विभागीय परीक्षाओं को CBT मोड में कराने और TBT का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की विभागीय परीक्षाएं अब पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होंगी और उसी के साथ टैबलेट बेस्ड टेस्टिंग (TBT) का दायरा भी बढ़ाया जाएगा. रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं. इससे लाखों अभ्यर्थियों को अधिक सुरक्षित और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिलेगी.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए. भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.
रेलवे भर्ती परीक्षाओं में इस्तेमाल होने वाले CBT (Computer-Based Test) और TBT (Tablet-Based Test) दोनों ही डिजिटल परीक्षा प्रणालियां हैं. CBT में उम्मीदवारों को डेस्कटॉप कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होती है. वर्तमान में रेलवे की अधिकांश परीक्षाएं CBT मोड में आयोजित की जाती हैं.
TBT मोड का फुल फॉर्म टैबलेट-बेस्ड टेस्ट है। यह एक ऐसा डिजिटल एग्जाम सिस्टम है, जिसमें उम्मीदवारों एग्जाम सेंटर पर कंप्यूटर की जगह टचस्क्रीन टैबलेट मिलेगा. उम्मीदवार सवाल पढ़कर स्क्रीन पर टच करके जवाब को देते है. इस सिस्टम में प्रश्न एन्क्रिप्टेड रहते हैं और परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही टैबलेट पर लोड किए जाते हैं. उम्मीदवार स्क्रीन पर दिए गए आप्शन में से सीधे आंसर चुन सकते हैं.
रेल मंत्री ने विभागीय परीक्षाओं को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित बनाने की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, वहां टैबलेट बेस्ड टेस्टिंग को अपनाया जाए. रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में गिनी जाती है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

