अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया. RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन सेंटर का दौरा किया. उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में ‘कृष्ण चेतना’ शांति ला सकती है. न्यूयॉर्क में इस्कॉन की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कृष्ण चेतना को दुनिया को जोड़ने वाला आधार बताया.
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क शहर में 26 सेकंड एवेन्यू पहुंचे. ये वही जगह है जहां स्वामी प्रभुपाद ने पहला इस्कॉन मंदिर स्थापित किया था.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक मोहन भागवत ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में ऐतिहासिक ISKCON की धरती से मानवता को एकजुट करने का एक बेहद शक्तिशाली संदेश दिया है. यह संदेश ऐसे समय में दिया है जब पूरी दुनिया विभिन्न विवादों, आपसी टकरावों और अलग-अलग पहचानों की जंग में बंटी नजर आ रही है.
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया कृष्णमय है और हमें उनकी चेतना को जगाना होगा. RSS प्रमुख ने कहा कि आज दुनिया में बढ़ते संघर्षों और द्वंद्वों के बीच केवल ‘कृष्ण चेतना’ ही वह परम शक्ति है जो संपूर्ण मानवता को आपस में जोड़ सकती है.
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क शहर में 26 सेकंड एवेन्यू स्थित इस्कॉन की 60वीं वर्षगांठ के जश्न के मौके पर भगवान की आरती और प्रार्थान की.
इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमिशन के सदस्य और गोवर्धन इकोविलेज के निदेशक गौरांग दास ने बताया कि RSS प्रमुख ने इस्कॉन को सनातन धर्म और हिंदू धर्म के कल्याणकारी संदेश को दुनिया के हर परिवार तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया.
भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम का विरोध भी हो रहा है. अमेरिका के कई हिंदू संगठनों समेत 61 इंटरफेथ और धर्मनिरपेक्ष संगठनों ने कार्यक्रम के खिलाफ खुला पत्र जारी किया है.
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