Business Desk – Rules Change From 1 June 2026 : आज, 1 जून से कमर्शियल गैस सिलेंडर 53.50 रुपए महंगे हो गए हैं. दिल्ली में, एक कमर्शियल सिलेंडर अब 3,113.50 रुपए में मिल रहा है. 5-किलो वाले LPG सिलेंडरों की कीमत भी 11 रुपए बढ़ा दी गई है. इस बढ़ोतरी के बाद, इस सिलेंडर की कीमत अब 821.50 रुपए हो गई है. इसके अलावा, पेट्रोल, डीजल और ATF यानी एविएशन फ्यूल पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी आज से लागू हो गई है.

जून में होने वाले 4 बड़े बदलाव

  1. कमर्शियल सिलेंडर ₹53.50 महंगे हुए

बदलाव: तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमत 53.50 रुपए बढ़ा दी है. दिल्ली में, कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपए हो गई है. पहले यह 3,071.50 रुपए में मिलता था.

असर: कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट मालिकों का ऑपरेटिंग खर्च बढ़ जाएगा. नतीजतन, वे चाय, नाश्ते की चीजों और थालियों (खाने की प्लेटों) की कीमतें बढ़ा सकते हैं. शादियों और कार्यक्रमों के लिए कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं.

  1. पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी कम हुई

बदलाव: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन फ्यूल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी कम कर दी है. नई दरें आज, 1 जून से लागू हो गई हैं. पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 1.50 रुपए प्रति लीटर तय की गई है, जबकि डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 13.50 रुपए प्रति लीटर तय की गई है.

एविएशन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 9.50 रुपए प्रति लीटर तय की गई है.
असर: यह एक तरह का टैक्स है जो सरकार देश के बाहर बेचे जाने वाले सामान पर लगाती है. इस टैक्स में कमी से रिफाइनरी कंपनियों को ज्यादा मुनाा होगा. पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा.

  1. HDFC बैंक में छोटे UPI ट्रांजैक्शन के लिए SMS अलर्ट बंद होंगे

बदलाव: HDFC बैंक छोटे UPI ट्रांजैक्शन के लिए मोबाइल SMS नोटिफिकेशन पूरी तरह से बंद कर रहा है. पैसे भेजने पर आपको SMS नोटिफिकेशन तभी मिलेगा जब आप किसी को 100 रुपए से ज्यादा की रकम ट्रांसफर करेंगे. पैसे मिलने पर आपको SMS नोटिफिकेशन तभी मिलेगा, जब आपके खाते में 500 से ज्यादा की रकम जमा होगी.

असर: आम तौर पर, पूरे दिन में चाय, सब्जियों या दूसरे छोटे-मोटे खर्चों के लिए 10 रुपए 20 या 50 रुपए के कई UPI पेमेंट किए जाते हैं. इन लेन-देन के लगातार आने वाले नोटिफिकेशन से इनबॉक्स भर जाते थे. अब यूजर्स को इस परेशानी से राहत मिलेगी.

  1. सब्सिडी वाले सोलर पैनल के लिए सख्त नियम

बदलाव: अब से रूफटॉप सोलर और नेट-मीटरिंग प्रोजेक्ट में सिर्फ सरकारी मंजूरी वाले मैन्युफैक्चरर्स के बनाए सोलर पैनल ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे.

असर: इस फैसले से सर्टिफाइड देश में बने सोलर पैनल की मांग बढ़ेगी. हालांकि, इसकी वजह से ग्राहकों को शुरुआत में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन उन्हें एक सुरक्षित सोलर सिस्टम की गारंटी मिलेगी, जो लंबे समय तक बेहतरीन क्वालिटी और भरोसेमंद वारंटी देगा.