रेवाड़ी के धारूहेड़ा स्थित जंगल बैबलर में राधेश्याम गोमला की 12वीं पुस्तक 'सफर सृष्टि का' का भव्य विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि पद्म-भूषण हुकमदेव नारायण यादव ने साहित्य को समाज सुधारक और अमर माध्यम बताया।

धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। जिले में धारूहेड़ा स्थित जंगल बैबलर पर्यटन परिसर में रविवार को एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म-भूषण हुकमदेव नारायण यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा रचित पुस्तक ‘सफर सृष्टि का’ का विधिवत लोकार्पण किया। लेखक की इस 12वीं पुस्तक के विमोचन समारोह में क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने पुस्तक में दर्ज गूढ़ बातों और समाज कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर उपस्थित पाठकों के सवालों के सीधे जवाब भी दिए। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी मनोज यादव द्वारा कुशलतापूर्वक की गई।

साहित्य की समाज सुधारक भूमिका

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकमदेव नारायण यादव ने इतिहास और वर्तमान के कई जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्पष्ट रूप से बताया कि साहित्य का समाज को सुधारने, सही दिशा दिखाने और उसे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में हमेशा एक विशेष योगदान रहता है। उन्होंने लेखक के श्रम की सराहना करते हुए कहा कि रचनाकार के भौतिक रूप से विदा होने के बाद भी उसका सृजित किया हुआ साहित्य उसे समाज में हमेशा के लिए अमर बना देता है। यादव ने दृढ़ता के साथ विश्वास व्यक्त किया कि ‘सफर सृष्टि का’ पुस्तक भविष्य में अनेक नवोदित साहित्यकारों और विचारकों के लिए प्रेरणा का एक बेहतरीन स्रोत सिद्ध होगी।

विज्ञान और अध्यात्म का अनूठा समन्वय

इस विशेष विमोचन कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रकाशक डॉ. अशोक कुमार मंगलेश, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कोसली कॉलेज की प्राचार्या डॉ. लाज कौशल, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह यादव, एडवोकेट रणजीत सिंह और लोकसभा चैनल के प्रसिद्ध एंकर रामवीर श्रेष्ठ द्वारा क्रमवार की गई। समीक्षकों ने कहा कि यह बहुआयामी कृति विज्ञान, इतिहास, दर्शन, अध्यात्म और मानव सभ्यता के विकास को एक ही वैचारिक धारा में प्रस्तुत करती है। पुस्तक की अनूठी “पॉडकास्टीय-चंपू शैली” और संवाद विधा आधुनिक युवा पाठकों को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता रखती है। इस सफल कार्यक्रम में डॉ. एचडी यादव, एडवोकेट सुदेश यादव, एडवोकेट नितेश यादव, ठाकुर अतर लाल, हलचल हरियाणवी और रघुविंदर यादव सहित भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।