सहारनपुर. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांवड़ यात्रा, कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद, जौहर यूनिवर्सिटी और जिन्ना जैसे मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की, जबकि जौहर यूनिवर्सिटी पर संभावित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए छात्रों के भविष्य की चिंता जताई.

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कांवड़ यात्रा में भाईचारे की अपील

इमरान मसूद ने कहा कि सहारनपुर की पहचान आपसी सौहार्द और भाईचारे की रही है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कांग्रेस कार्यकर्ता कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाएंगे. उन्होंने सभी समुदायों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.

कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद पर कानूनी लड़ाई की बात

कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले पर सांसद ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले जमीन का मालिकाना हक तय होना जरूरी है. उनका दावा था कि संबंधित भूमि का रिकॉर्ड अभी भी निजी नामों पर दर्ज है और केवल खसरा प्रविष्टि के आधार पर मालिकाना हक तय नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में है और इसे सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध

इमरान मसूद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र पढ़ रहे हैं. यदि किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक अनियमितता है तो सरकार प्रशासक नियुक्त करे या अन्य वैधानिक कदम उठाए, लेकिन शिक्षा संस्थान को ध्वस्त न किया जाए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो.

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जिन्ना पर कांग्रेस का रुख किया स्पष्ट

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिन्ना के मुद्दे पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मोहम्मद अली जिन्ना से कोई संबंध नहीं है और उनके अनुसार जिन्ना देश के विभाजन के लिए सबसे बड़े जिम्मेदार लोगों में से एक थे. उन्होंने कांग्रेस पर लगाए जाने वाले जिन्ना समर्थक होने के आरोपों को राजनीतिक प्रचार बताया.