सहारनपुर. कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में है. कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर में आयोजित PDA कार्यक्रम में कहा कि मुस्लिम पक्ष को संयम और धैर्य बनाए रखना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि मस्जिद को लेकर कानूनी लड़ाई अदालत में जारी रहेगी और वह उसी स्थान पर दोबारा बनेगी.

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‘मस्जिद वहीं बनेगी’, इकरा का दावा

इकरा हसन ने कहा कि इस मामले में उनके पास दस्तावेज हैं और उन्हें अदालत में अपनी बात मजबूती से रखने का भरोसा है. उन्होंने समर्थकों से फिलहाल संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामले को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने आगामी राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया.

बीजेपी पर लगाए राजनीतिक आरोप

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि सहारनपुर को संभल जैसा बनाने की कोशिश की गई. उन्होंने बीजेपी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मस्जिद के मुद्दे को लेकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया. इकरा ने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष को भावनात्मक प्रतिक्रिया देने के बजाय कानूनी रास्ते पर भरोसा रखना चाहिए.

धार्मिक स्थलों को लेकर कही ये बात

इकरा हसन ने दावा किया कि कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद लंबे समय से मौजूद थी और उसी परिसर में मंदिर भी है. उनके मुताबिक, दोनों धार्मिक स्थलों के बीच लंबे समय से भाईचारे का माहौल रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था से जुड़े स्थल को इस तरह नहीं तोड़ा जाना चाहिए.

हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला

कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई को आदेश जारी किया था. जिला जज की अदालत ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर दी, जिसके बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद को ध्वस्त किया.

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इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा. 11 सितंबर को हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा और मस्जिद प्रबंधन पर लगाए गए 6.41 करोड़ रुपये के जुर्माने की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी. अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय है.