विकास कुमार, सहरसा। जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र के बरैठ पंचायत अंतर्गत गढ़ अमृता गांव में मंगलवार को पानी पीने के लिए नलका चला रही 10 वर्षीय बालिका करंट की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसे बचाने गए उसके मामा भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे परिवार और इलाके में मातम पसर गया है।
ननिहाल में रह रही थी मासूम
मृतका की पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के करहड़ा निवासी अचंद्र यादव की 10 वर्षीय पुत्री बबली कुमारी के रूप में हुई है। बबली इन दिनों अपने ननिहाल गढ़ अमृता गांव में नाना गुरुदेव यादव के घर पर रह रही थी। मंगलवार को उसकी नानी ने उसे बकरियों की देखरेख के लिए भेजा था। इसी दौरान उसे तेज प्यास लगी और वह पानी पीने के लिए घर के पास लगे नलके के पास पहुंच गई।

मोटर में प्रवाहित हो रहा था करंट
ग्रामीणों के अनुसार, उस नलके में पानी के लिए मोटर लगाया गया था। बिजली की किसी अंदरूनी गड़बड़ी के कारण मोटर और नलके में करंट उतर आया था। जैसे ही बबली ने नलका चालू करने के लिए छुआ, वह तेज विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गई और वहीं छटपटाने लगी।
बचाने आए मामा भी झुलसे
भांजी को करंट से चिपकते और तड़पते देख उसके मामा बब्लेश कुमार तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े। लेकिन, करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे भी इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बिजली का मुख्य तार अलग किया और दोनों को नलके से दूर किया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नन्हीं बबली की मौके पर ही सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सोनवर्षाराज थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बालिका के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सहरसा भेज दिया है। इस अचानक हुए हादसे से मृतका की नानी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास की महिलाएं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रही हैं। थानाध्यक्ष नागमणि कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



