विकास कुमार, सहरसा। शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) के पद पर तैनात अजीत अमर हरिजन की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता मामलों और गंभीर शिकायतों के आधार पर राज्य की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीमों ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
आय से अधिक संपत्ति का गंभीर मामला
मिली जानकारी के अनुसार आर्थिक अपराध इकाई को पिछले कुछ समय से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर हरिजन के खिलाफ अकूत संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े गुप्त इनपुट मिल रहे थे। प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया गया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक अनुपातहीन संपत्ति बना ली है। इनपुट्स के पुख्ता होने के बाद EOU ने इस मामले में कानूनी शिकंजा कसते हुए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया और उसके बाद इस बड़े स्तर की छापेमारी को अंजाम दिया गया।
एक साथ कई ठिकानों पर दबिश
आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीमों ने सहरसा समेत विभिन्न संभावित ठिकानों पर एक साथ एक ही समय में छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। अहले सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से महकमे में खलबली मच गई। EOU के अधिकारी और विशेषज्ञ कर्मचारी संबंधित परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण, चल-अचल संपत्ति के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की गहनता से जांच-पड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान टीम ने परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है और घर के सदस्यों व करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है।
दस्तावेजों और साक्ष्यों की हो रही है स्कैनिंग
छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई की तकनीकी और वित्तीय मामलों की विशेष टीमें दस्तावेजों को खंगालने में जुटी हुई हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अजीत अमर हरिजन के नाम पर या उनके परिजनों के नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गई हैं। इसके अलावा, लॉकर की जानकारी, निवेश के दस्तावेज, और भूमि-भवन से जुड़े कागजातों को भी खंगाला जा रहा है। टीम द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा जुटाया जा सके ताकि आय और संपत्ति के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से प्रमाणित किया जा सके।
आधिकारिक बयान और विस्तृत खुलासे का इंतजार
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से छापेमारी की यह कार्रवाई लगातार जारी है। समाचार लिखे जाने तक टीम अंदर छानबीन कर रही है और तलाशी अभियान के पूरा होने के बाद ही बरामद नकदी, जेवरात, बेनामी संपत्ति के कागजात या अन्य संदिग्ध सामानों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आ पाएगा। EOU के उच्चाधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद इस पूरे मामले में एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी, जिसके बाद कई और महत्वपूर्ण और सनसनीखेज खुलासे होने की पूरी संभावना है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है और हर कोई इस रेड के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहा है।


