विकास कुमार, सहरसा। जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र में मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। सहरसा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड का महज तीन घंटे के भीतर ही सफल उद्वेदन (खुलासा) कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

​मामूली विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष

​घटना 10 सितंबर 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे की है। नौहट्टा थाना क्षेत्र के पश्चिमी बालू टोला वार्ड नंबर 9 में नीतीश महतो और उनके पिता के बीच खाना-पीना को लेकर आपसी कहासुनी और विवाद हो रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला मिथुन महतो अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां पहुंच गया और अचानक गाली-गलौज व धमकी देने लगा। देखते ही देखते यह घरेलू विवाद गंभीर रूप से बढ़ गया और नौबत मारपीट तक आ पहुंची।

​इलाज के दौरान हुई युवक की मौत

​विवाद के उग्र होने पर नीतीश महतो और मिथुन महतो के बीच जमकर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प के दौरान नीतीश कुमार महतो गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिवारवालों और स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल नीतीश को गंभीर हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

​युवक की मौत की सूचना मिलते ही नौहट्टा थाना पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन विशेष टीम गठित कर छापेमारी शुरू की। मृतक के भाई धर्मेंद्र कुमार के फर्द बयान के आधार पर नौहट्टा थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अनुसंधान और तकनीकी सेल की मदद से महज तीन घंटे के भीतर इस हत्याकांड में संलिप्त दो मुख्य अभियुक्तों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पश्चिमी बालू टोला वार्ड नंबर 9 निवासी मिथुन कुमार और बेचन महतो के रूप में हुई है।

​एसडीपीओ ने प्रेसवार्ता कर दी आधिकारिक जानकारी

​इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने घटना से जुड़ी तमाम अहम जानकारियां साझा कीं। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है। महज तीन घंटे के भीतर अपराधियों की यह गिरफ्तारी सहरसा पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिससे इलाके के लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।