अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले के युवा पहलवान ने एक बार फिर खेल जगत में प्रदेश की धाक जमाई है। महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित हुई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में भिवानी के गांव कालुवास के रहने वाले पहलवान साहिल पंघाल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 74 किलोग्राम भार वर्ग में हिंद केसरी का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। साहिल की इस ऐतिहासिक और स्वर्णिम सफलता से न सिर्फ भिवानी बल्कि पूरे हरियाणा खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर हिंद केसरी बनने के बाद गृह जिला भिवानी पहुंचने पर पहलवान साहिल पंघाल का भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय सेक्टर 13 में दि भिवानी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा और वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. फूल सिंह धनाना सहित शहर के गणमान्य लोगों ने साहिल को नोटों और फूलों की मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में पूर्व चेयरमैन विजय पंचगांवा, जिला पार्षद रेणू बाला, दिलबाग सांगवान, महेंद्र पंघाल और कोच भूपेंद्र सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।
सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि साहिल की यह ऐतिहासिक जीत भिवानी ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा और देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर इस तरह का कीर्तिमान स्थापित करना खेल के प्रति असाधारण निष्ठा को दर्शाता है। गांव कालुवास के इस होनहार खिलाड़ी ने हिंद केसरी का खिताब जीतकर भिवानी को मिनी क्यूबा और खेल नगरी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दी है।
अपनी इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय पहलवान साहिल पंघाल ने अपने कोच सन्नी पंघाल, पिता सुरेश पंघाल और माता मुनेश देवी को दिया है। साहिल ने कहा कि परिजनों के सहयोग और कोच के कठिन प्रशिक्षण की बदौलत ही वह आज इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं। उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश के लिए पदक जीतना है।

