विकास कुमार/सहरसा। जिले के पतरघट थाना अंतर्गत भद्दी गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रेम विवाह के महज दो महीने बाद एक 21 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष पर आरोप है कि उन्होंने मायके वालों और पुलिस को अंधेरे में रखकर आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। हालांकि, समय रहते मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने जलती चिता से शव को कब्जे में ले लिया, जिससे ससुराल पक्ष की सोची-समझी साजिश नाकाम हो गई।

​क्या है पूरा मामला?

​मृतका ने करीब दो महीने पहले भद्दी गांव के एक युवक के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह अपने ससुराल में सुखी जीवन व्यतीत करने की उम्मीद में थी, लेकिन बुधवार दोपहर अचानक उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने न तो मायके वालों को सूचना दी और न ही पुलिस को सूचित किया। इसके बजाय, उन्होंने मामले को हमेशा के लिए दबाने की नीयत से शव को श्मशान घाट ले जाकर मुखाग्नि दे दी।

​पुलिस की कार्रवाई और ससुराल पक्ष फरार

​स्थानीय ग्रामीणों ने जब आनन-फानन में हो रहे अंतिम संस्कार को देखा तो इसकी सूचना तत्काल पतरघट थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जलती हुई चिता से शव को बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर पर ताला लगाकर फरार हैं।

​जांच में जुटी पुलिस

​पुलिस अब इस मामले की हर कोण से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मायके वालों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की हत्या या साजिश का खुलासा होता है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरार ससुराल वालों की धर-पकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
​इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रेम विवाह के बाद हुई इस मौत ने जहां परिवार के लोगों को स्तब्ध कर दिया है वहीं प्रशासन की तत्परता ने एक बड़े अपराध के सबूतों को मिटने से बचा लिया है। फिलहाल क्षेत्र में यह घटना चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।