लखनऊ. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि राज्यसभा के लिए सपा की ओर से घोषित दो उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम नहीं है. सपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है. दोनों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया.

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‘मुस्लिम वोट से जीते, फिर भी प्रतिनिधित्व नहीं’

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि उन्होंने भी इस मुद्दे पर पहले बयान दिया था. उनके मुताबिक, अखिलेश यादव के ‘मुस्लिम प्रेम’ का दावा इस बात से सवालों के घेरे में आता है कि राज्यसभा के लिए किए गए दो नामांकनों में एक भी मुस्लिम चेहरा नहीं है. उन्होंने कहा कि सपा को मुस्लिम समुदाय के वोट मिलते हैं, लेकिन प्रतिनिधित्व के सवाल पर अलग तस्वीर दिखाई दे रही है.

‘BJP की राह पर चलना चाहते हैं’

रशीदी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के भीतर कहीं न कहीं यह भावना पैदा हो रही है कि जिस रास्ते पर भारतीय जनता पार्टी चल रही है, उसी रास्ते पर वह भी आगे बढ़ना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि सपा नेतृत्व मुस्लिम समुदाय से दूरी बनाने की कोशिश कर रहा है.

शहाबुद्दीन ने भी उठाए थे सवाल

इससे पहले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी अखिलेश यादव पर मुस्लिम समुदाय को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि मुसलमान सपा से नाराज हैं और अखिलेश यादव इस स्थिति को लेकर गलतफहमी में हैं.

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रामदेव के बयान पर भी दिया जवाब

बाबा रामदेव के ‘भारत के सभी मुसलमान कनवर्टेड हैं’ और भगवान राम-कृष्ण को पूर्वज मानने वाले बयान पर भी रशीदी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि भारत में बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवारों के पूर्वजों का धर्म अलग रहा होगा, लेकिन मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आस्था इस्लाम और एक अल्लाह में है. रशीदी ने कहा कि मुसलमान हिंदू देवी-देवताओं को अपना पूर्वज नहीं मान सकते.