हरियाणा डेस्क।भारतीय कुश्ती जगत में जारी विवाद के बीच ओलिंपिक पदक विजेता Sakshi Malik ने पहलवान Vinesh Phogat के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। साथ ही उन्होंने Wrestling Federation of India (WFI) की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
साक्षी मलिक का बयान
साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि कई देशों में स्पोर्ट्स फेडरेशन महिला खिलाड़ियों के लिए ऐसे नियम बनाती हैं, जिससे वे मां बनने के बाद भी खेल जारी रख सकें और देश के लिए मेडल जीत सकें।
उन्होंने कहा कि भारत में WFI के नियम इतने सख्त हैं कि खिलाड़ी वापसी भी नहीं कर पाते। साक्षी ने सरकार, खेल मंत्रालय और WFI से मांग की कि विनेश फोगाट को ट्रायल का मौका दिया जाए।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के नोटिस से शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि विनेश फोगाट डोप टेस्ट में शामिल नहीं हुईं। ITA ने उन्हें 7 मई तक जवाब देने को कहा था।
विनेश ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही अपनी यात्रा और व्यस्तता की जानकारी दी थी और नियमों का उल्लंघन नहीं किया।
WFI का नोटिस
Wrestling Federation of India ने 9 मई को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उन्होंने संन्यास से वापसी की प्रक्रिया और एंटी-डोपिंग नियमों का पालन नहीं किया।
इसके चलते उन पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक भी लगाई गई।
विनेश का जवाब
विनेश फोगाट ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सभी जरूरी जानकारी पहले ही अधिकारियों को दे दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने और ट्रेनिंग से रोका जा रहा है, जो गलत है।
स्थिति क्या है?
फिलहाल मामला खेल प्रशासन और एंटी-डोपिंग नियमों के बीच उलझा हुआ है, जबकि खिलाड़ी और पूर्व खिलाड़ी खुलकर समर्थन और विरोध में सामने आ रहे हैं।

