कुंदन कुमार, पटना। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर उनके सामाजिक समरसता, समानता और बंधुत्व के अमर संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “समरसता संकल्प अभियान” का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन में हुआ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, राज्य सरकार के अनेक मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में साधु-संत तथा प्रदेश के सभी 52 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष उपस्थित रहे।

सीएम और प्रदेश अध्यक्ष ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित संत-महात्माओं का मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने अंगवस्त्र देकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

कार्यक्रम में गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और सामाजिक समरसता के संदेश पर आधारित एक प्रेरणादायी वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेश झा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

सभी जिलाध्यक्षों को सौंपा पवित्र कलश

इस अवसर का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण वाराणसी स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली गोवर्धनपुर से लाई गई पावन मिट्टी से भरे पवित्र कलश रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा संगठन के सभी 52 जिलाध्यक्षों को यह पवित्र कलश सौंपते हुए समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

यह पवित्र कलश रथ के माध्यम से प्रत्येक जिले तक पहुंचेगा और वहां से प्रत्येक गांव, मंदिर तथा संत समाज के बीच ले जाया जाएगा, जहां सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन-कीर्तन, समरसता संकल्प और भंडारे का आयोजन होगा।

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावागी का संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पहली बार बिहार सरकार ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष पर इतना व्यापक और ऐतिहासिक अभियान प्रारंभ किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वाराणसी की पावन धरती से निकला यह समरसता संदेश अब बिहार के गांव-गांव तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह पवित्र मिट्टी केवल मिट्टी नहीं, बल्कि संत रविदास जी की तपस्या, समता और मानवता के संदेश का प्रतीक है।

संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संत रविदास जी ने सदियों पहले जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया था। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का एक व्यापक जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ना है।

उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, जातिवाद की मानसिकता को समाप्त करने तथा विकसित भारत और विकसित बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, समता और सेवा का संदेश और अधिक सशक्त होगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों एवं कार्यकर्ताओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समरस समाज के संकल्प को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

जयघोष के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

अन्य वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक न्याय, समान अवसर, मानव गरिमा और बंधुत्व की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। अभियान के माध्यम से राज्य के प्रत्येक गांव, प्रत्येक मंदिर और समाज के हर वर्ग तक उनके संदेश को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। इस अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जयघोष तथा सामाजिक समरसता के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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