चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में शुक्रवार को संदीप पाठक की याचिका पर सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई.अदालत ने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि आखिर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज है या नहीं, लेकिन कई मौकों के बावजूद सरकार की ओर से कोई सीधा और स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. अदालत ने फिलहाल मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर लगी रोक को जारी रखा है.
स्पष्ट उत्तर देना चाहिए
याचिका में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को पहले अदालत के सवाल का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि उसके बाद ही याचिका की सुनवाई योग्य होने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी नाराज़गी जताई कि सरकार की ओर से जानकारी सीलबंद लिफाफे में देने की पेशकश की गई. अदालत ने सवाल उठाया कि जब मूल प्रश्न केवल इतना है कि प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं, तो इसमें गोपनीयता की आवश्यकता क्यों पड़ रही है.
हाई कोर्ट ने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार को कई अवसर दिए जा चुके हैं. अदालत ने उल्लेख किया कि आठ मई को जारी आदेश के बावजूद अब तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं रखी गई. अदालत ने यह भी कहा कि छह अवसर मिलने के बाद भी यदि सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है तो यह गंभीर विषय है.
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