कुंदन कुमार, पटना। दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP की ओर से किए गए आंदोलन के आह्वान और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली को छावनी में तब्दील कर देने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
‘RSS-BJP से जुड़े लोगों पर नहीं हुई कार्रवाई’
संदीप सौरभ ने आरोप लगाया कि आंदोलन से पहले ही कई राज्यों से दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। वहीं, राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा था।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर प्रदर्शनकारियों को पकड़ा जा रहा था, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने वाले आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
13 अक्टूबर को बिहार में प्रदर्शन का ऐलान
संदीप सौरभ ने कहा कि दिल्ली में की गई कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बिहार और पटना में भी प्रदर्शन करने की घोषणा की। विधायक के मुताबिक, 13 अक्टूबर को पार्टी के लोग सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अभी यह (प्रदर्शन) रुकने वाला नहीं है।
संदीप सौरभ ने कहा कि, 13 करोड़ लोगों का नाम काटा गया। सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा है। छात्रों का गुस्सा है, बिहार में भी नाम काटे गए, बंगाल में भी नाम काटे गए और चुनाव के बाद नाम जोड़े गए। यह लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने के लिए किया जा रहा है। अब यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
हिरासत में 700 से अधिक लोग
गौरतलब है कि दिल्ली में कल शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे सीजेपी नेताओं समेत सैंकड़ों छात्रों और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
रिहा हुए दीपके, दास और रांका
वहीं, आज रविवार (11, अक्टूबर) को CJP नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) के सामने पेश किया गया, जहां एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा कर दिया। वकील सौतिक बनर्जी ने बताया कि, तीनों (अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास) को रिहा कर दिया गया है। अब वे यहां से जा सकते हैं।
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