पानीपत। हरियाणा में करीब एक महीने से चल रही ग्रामीण सफाईकर्मियों की हड़ताल शुक्रवार रात आखिरकार समाप्त हो गई। पानीपत के पीडब्ल्यूडी (PWD) रेस्ट हाउस में सरकार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच करीब तीन घंटे चली अहम बैठक के बाद गतिरोध खत्म हो गया। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार और मंत्री कृष्ण बेदी की मौजूदगी में कर्मचारियों की 18 में से 17 मांगों पर सहमति बन गई, जिसके बाद यूनियन ने तत्काल प्रभाव से हड़ताल वापस लेने का एलान कर दिया।


बैठक के बाद विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर सरकार और यूनियन के बीच सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई। कर्मचारियों की प्रमुख मांग कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की थी, जो वर्ष 2005 के हाईकोर्ट आदेश और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा विषय है। सरकार इस मामले की गहन समीक्षा कर जल्द अंतिम निर्णय लेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मांग को छोड़कर बाकी सभी 17 मांगों पर सहमति बन चुकी है।

सरकार और यूनियन के बीच बनी सहमति के अनुसार अब प्रत्येक गांव में हर 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा, जिससे काम का दबाव कम होने के साथ नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। कर्मचारियों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का लाभ मिलेगा, वहीं वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और झाड़ू-कस्सी जैसे कार्य उपकरणों के भत्ते में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

सफाईकर्मियों के लिए एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी लागू करने पर भी सहमति बनी है। इसके तहत ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के परिजनों को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी दी जाएगी। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा सेवाकाल पूरा होने पर रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि और ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा।

गौरतलब है कि प्रदेशभर के ग्रामीण सफाईकर्मी परमानेंट नौकरी, वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत थे। हड़ताल के कारण कई जिलों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और शहरों में कूड़े के ढेर लग गए थे। हिसार में प्रशासन को स्वैट कमांडो की निगरानी में कूड़ा उठवाना पड़ा था। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव यशपाल, पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विभागीय अधिकारियों सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।