Jal Jeevan Mission Scam: जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में एसीबी (ACB) को बड़ी कामयाबी मिली है। काफी समय से फरार चल रहे दलाल संजय बड़ाया को आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया है। संजय के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी था और जैसे ही उसने दिल्ली की जमीन पर कदम रखा, ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को अलर्ट कर दिया।

आधी रात को दिल्ली में एक्शन

संजय बड़ाया थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया था। उसे लगा था कि मामला ठंडा पड़ गया है, लेकिन पुलिस की नजर उस पर टिकी थी। रविवार रात करीब 2 बजे जब वह वापस लौटा, तो एसीबी की टीम ने उसे घेर लिया। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाया जा रहा है। खबर है कि जयपुर पहुंचने के बाद उससे पूछताछ में कई बड़े नेताओं और अफसरों के नाम सामने आ सकते हैं।

7 लाख की नौकरी और करोड़ों का खेल

संजय बड़ाया की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। साल 2022 तक वह जयपुर के बनीपार्क इलाके में रहता था और एक इंश्योरेंस कंपनी में महज 7 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर काम करता था। लेकिन जल जीवन मिशन में दलाली का ऐसा चस्का लगा कि वह कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया। उसने चमत्कारेश्वर बिल्डर्स नाम की कंपनी बनाई और अपनी पत्नी को उसमें पार्टनर बना लिया।

जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े के आरोप

सूत्रों का कहना है कि संजय ने सिर्फ दलाली नहीं की, बल्कि जयपुर में जेडीए पट्टे की कीमती जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने की भी कोशिश की। ईडी पहले ही उसे गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन दिसंबर में उसे जमानत मिल गई थी। अब एसीबी के शिकंजे में आने के बाद उसकी मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। इस पूरी कार्रवाई को डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर अंजाम दिया गया है।

एसीबी की पूछताछ में होंगे बड़े खुलासे

डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एएसपी महावीर प्रसाद, भूपेंद्र सिंह और हिमांशु कुलदीप की टीम अब संजय से पूछताछ करेगी। जयपुर के सियासी गलियारों में इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

पढ़ें ये खबरें