अभिनेता संजय दत्त ने बहादुरगढ़ में आर्यन मान के परिवार से मुलाकात की और खुद को हरियाणा का बेटा बताया। इस दौरान उन्होंने यमुनानगर स्थित अपने पैतृक गांव मंडौली का जिक्र भी किया।

कृष्ण कुमार सैनी, झज्जर/चंडीगढ़। बहादुरगढ़ में सोमवार को उस समय हलचल काफी तेज हो गई जब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक शहर पहुंच गए। ‘संजू बाबा’ के आने की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली, उन्हें एक झलक देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह कोई फिल्मी प्रमोशन या शूटिंग का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक पूरी तरह से निजी दौरा था। संजय दत्त यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष आर्यन मान के निवास पर उनसे और उनके परिवार से मिलने पहुंचे थे, जिससे इस मुलाकात ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

भव्य स्वागत और निजी मुलाकात: मान परिवार के साथ बिताया समय

आर्यन मान के निवास पर पहुंचने पर अभिनेता संजय दत्त का पारंपरिक तरीके से फूल-मालाओं और बुके भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। इस निजी मुलाकात के दौरान संजय दत्त काफी सहज नजर आए और उन्होंने आर्यन मान के परिवारजनों के साथ बैठकर काफी देर तक विभिन्न विषयों पर बातचीत की। इस अवसर पर समाजसेवी दलबीर मान और अशोक मान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। घर के बाहर प्रशंसकों का भारी जमावड़ा लगा रहा, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए स्थानीय समर्थकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हर कोई बॉलीवुड के ‘खलनायक’ को अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित दिखा।

हरियाणा से पुराना नाता: यमुनानगर के मंडौली को बताया अपना घर

बातचीत के दौरान संजय दत्त ने न केवल मान परिवार के साथ स्नेह साझा किया, बल्कि हरियाणा की मिट्टी से अपने गहरे जुड़ाव को भी खुलकर व्यक्त किया। उन्होंने गर्व से कहा, “मैं भी हरियाणा का ही हूं, मेरा घर यमुनानगर के मंडौली में है।” उन्होंने आगे भावुक होते हुए कहा कि हरियाणा के लोगों का अपनापन और यहां की संस्कृति उन्हें बार-बार खींच लाती है। संजय दत्त के इस बयान ने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया। बहादुरगढ़ में उनकी यह अचानक हुई मुलाकात अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे लोग अभिनेता की सादगी और उनकी जड़ों के प्रति प्रेम के रूप में देख रहे हैं।