आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद में छात्रों पर कथित दमन और सीतापुर में मिड डे मील की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र और यूपी सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छात्रों पर कथित सरकारी दमन और उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने संसद में दोनों मुद्दे उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले, पैलेट गन और ए.के.-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कितना सरकारी खर्च हुआ और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इस पर जवाब दें।
सीतापुर मिड डे मील पर सवाल
उन्होंने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मिड डे मील की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बच्चों को ऐसा भोजन परोसा गया जिसे इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी नहीं दिया जा सकता। उनके मुताबिक यह घटना सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाती है।
आप सांसद ने कहा कि मिड डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना है, लेकिन यदि घटिया गुणवत्ता का भोजन दिया जाएगा तो यह बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ होगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
संजय सिंह ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि सीतापुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराकर बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ का सम्मान होना चाहिए और देश के बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।


