चंडीगढ़। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किल बढ़ गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। अरोड़ा की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ईडी से मामले में अब तक की जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांग है। रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई में जमानत याचिका पर विचार करेगी।निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत आपको बता दें संजीव अरोड़ा ने नियमित जमानत के लिए हाई कोर्ट में उस समय अर्जी लगाई थी जब गुरुग्राम की अदालत 15 जून को उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई थी। निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में नियमित जमानत की मांग करते हुए याचिका दायर की।
मामले के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम में 18 मार्च को एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी एफआईआर के आधार पर ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। अरोड़ा का कहना है कि ED की पूरी कार्रवाई इसी एफआईआर पर आधारित है और उसी के चलते उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया था।
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