अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। शहर के नगर थाना क्षेत्र स्थित समाहरणालय के सामने की मछली मंडी रविवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गई जब दो मछली विक्रेताओं के बीच ग्राहकों को लेकर विवाद हो गया। छुट्टी का दिन होने के कारण मंडी में काफी भीड़ थी जिसका फायदा उठाने की होड़ में दुकानदार आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते यह विवाद मारपीट में बदल गया जहां लात-घूंसे और मुक्कों की बरसात होती रही।

​क्या है पूरा मामला?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार की सुबह मछली मंडी में भारी भीड़ उमड़ी थी। एक ग्राहक जब एक दुकानदार से मछली की कीमत पर मोलभाव कर रहा था तभी बगल में दुकान लगाने वाले एक अन्य विक्रेता ने उसे कम दाम में मछली देने का लालच देकर अपनी ओर खींचने की कोशिश की। यह हरकत पहले दुकानदार को नागवार गुजरी और उसने इसका विरोध किया। देखते ही देखते दोनों दुकानदारों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो चंद पलों में ही हिंसक झड़प में बदल गई।

​लात-घूंसों से थर्राई मंडी

​विवाद इतना बढ़ गया कि दुकानदारों ने अपनी दुकान की मर्यादा भूलकर एक-दूसरे पर जमकर हाथ साफ किया। मंडी परिसर में मौजूद लोग यह मंजर देखकर हैरान रह गए। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट में लात घूंसे और मुक्के खुलकर चले। इस झड़प में कई युवक घायल हुए हैं और मंडी में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दुकानदार बीच बाजार में एक-दूसरे पर टूट पड़े थे।

​हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला

​मंडी में मचे इस हंगामे के कारण खरीददारी करने आए आम लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे। काफी देर तक चले इस तमाशे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और अन्य दुकानदारों ने बीच-बचाव किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया। हालांकि इस घटना ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था और व्यापारियों के आपसी व्यवहार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद मंडी में काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही लेकिन फिलहाल मामला शांत है। स्थानीय प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंडी में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।