अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। इसके तहत जिले के 886 भूमिहीन परिवारों के बीच 3 से 5 डिसमिल तक जमीन का वितरण किया जाएगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थियों को केवल ज़मीन का पर्चा ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर उन्हें उस जमीन पर भौतिक कब्जा भी दिलाया जाएगा।
इस सिलसिले में गुरुवार को बड़ी संख्या में भूमिहीन महिलाएं सासाराम समाहरणालय पहुंचीं और अपने जरूरी कागजात संबंधित कार्यालय में जमा किए। कार्यालय पहुंची महिलाओं ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे लंबे समय से भूमिहीन हैं और वर्तमान में विभिन्न सरकारी जमीनों पर जीवन बसर कर रही हैं। खासकर नहर के किनारे, पोखर के तटों और सड़क के किनारे उनकी कई पीढ़ियां गुज़र चुकी हैं।
महिलाओं ने बताया कि कई बार कुछ लोग उनकी बस्तियों के खिलाफ अतिक्रमण वाद दायर कर देते हैं या फिर ‘जल जीवन हरियाली’ योजना के तहत उन्हें वहां से हटाने की कार्रवाई की जाती है, जिससे उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में इन परिवारों को सुरक्षित आशियाने के लिए जमीन की सख्त आवश्यकता थी।
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए सासाराम के अपर समाहर्त्ता (ADM) ललित भूषण ने बताया कि राज्य सरकार गरीबों और भूमिहीनों के उत्थान को लेकर बेहद गंभीर है। जिला प्रशासन अगले सप्ताह 15 अगस्त के खास मौके पर कुल 866 (रिपोर्ट के अनुसार कुल लक्ष्य 886) भूमिहीनों को जमीन का पर्चा और आधिपत्य उपलब्ध कराएगा। प्रशासन का यह कदम जिले के भूमिहीनों के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगा और उन्हें सुरक्षित तथा सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा।


