अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। बिहार के सासाराम से एक खबर सामने आई है जहां विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आज ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवा को पूरी तरह से ठप रखा गया है। राज्य के अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की अवांछित घटना के विरोध में सासाराम के स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। इसी गुस्से के चलते आज सुबह से ही अस्पतालों में कोई भी डॉक्टर इलाज के लिए नहीं पहुंचा है।
सामान्य दिनों में सासाराम के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी कक्षों में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। डॉक्टरों के सभी चैंबर पूरी तरह से खाली नजर आ रहे हैं। इस अचानक हुई हड़ताल की जानकारी न होने के कारण दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते हुए बेहद परेशान दिखाई दे रहे हैं।
मरीजों को केवल ओपीडी सेवा से ही वंचित नहीं रहना पड़ रहा है बल्कि अस्पतालों में संचालित होने वाली पैथोलॉजिकल जांच सेवाएं और फिजियोथैरेपी सेवाएं भी पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। इससे गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
अरवल की घटना से बुरी तरह आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक इस निंदनीय घटना के सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक उनका यह राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार अभियान इसी प्रकार लगातार जारी रहेगा। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है जिसके कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

