अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने देर रात सासाराम स्थित सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक अस्पताल परिसर में डीएम के पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की लचर व्यवस्था और गंदगी देखकर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
देर रात अस्पताल में मची अफरा-तफरी
डीएम दीपक कुमार मिश्रा के साथ उप विकास आयुक्त (DDC) और नगर निगम के आयुक्त भी मौजूद थे। जैसे ही डीएम का काफिला अस्पताल परिसर में पहुंचा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। डीएम ने सबसे पहले मातृ शिशु अस्पताल (MCH) का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डों की सफाई, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं की बारीकी से जांच की।
जलजमाव पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जलजमाव की गंभीर समस्या सामने आई। अस्पताल परिसर में पानी जमा होने से मरीजों और परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस पर डीएम ने नगर निगम के आयुक्त को तत्काल प्रभाव से जलनिकासी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर गंदगी और जलजमाव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है जिसे तत्काल दूर करना प्राथमिकता है।
मरीजों से जानी हकीकत
डीएम ने सिर्फ व्यवस्था ही नहीं देखी बल्कि वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिल रहे भोजन दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के बारे में पूछताछ की। कई परिजनों ने अस्पताल की सुविधाओं पर अपनी राय रखी। डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को हिदायत दी कि मरीजों को बेहतर इलाज और सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।
सुधार के सख्त निर्देश
निरीक्षण के अंत में डीएम ने स्पष्ट किया कि सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि व्यवस्था में कोई कमी पाई गई तो संबंधित कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रबंधन अब व्यवस्था को सुधारने की कवायद में जुट गया है।

