लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने वीआईपी सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया है. आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सुरक्षा मुख्यालय ने राज्य के प्रमुख लोगों की सुरक्षा में बदलाव किया है. इस सूची में सीएम योगी, अखिलेश यादव, मायावती, मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधियों का नाम शामिल है. खास बात ये भी है कि इस सूची में सतुआ बाबा और वासुदेवानंद महराज का नाम भी शामिल है. जिसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है.
बता दें कि ये वही सतुआ बाबा है जो लाखों करोड़ों की पोर्शे और डिफेंडर जैसी गाड़ियों में घूमता है. दूसरी ओर वासुदेवानंद महराज, जिन्हें सरकार शंकराचार्य बताती है, उनका नाम भी शामिल है. हालांकि इन्हें लेकर कई तरह की बातें हैं. हिंदू समाज इन्हें शंकराचार्य नहीं मानता है. इन्हें लेकर सरकार द्वारा पोषित संत होने की बात भी लोगों के बीच चलती है. वैसे सनातन परंपरा में केवल चार ही शंकराचार्य हैं. अब ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि आखिर सरकार किसी को भी शंकराचार्य के रूप में ख्यापित करके सनातन परंपराओं में मिलावट क्यों कर रही है. जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ भी सदन में कह चुके हैं कि ‘हर कोई शंकराचार्य नहीं हो सकता’. इसके बाद भी किसी को भी शंकराचार्य बताना सीएम के बयान का ही मजाक बनाना साबित हो रही है. वहीं बाबाओं और संतों को सुरक्षा देने को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया.
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जारी सूची के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबियों में शुमार मणिकर्णिका घाट के महंत संतोष दास ‘सतुआ बाबा’ को गनर और सुरक्षा श्रेणी के बाद अब बुलेट प्रूफ जैकैट भी दी जाएगी. बुलेट प्रूफ जैकेट का आवंटन उनकी सुरक्षा रिपोर्ट को लेकर हुआ है. इस पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि ‘करोड़ों की पोर्शे और डिफेंडर जैसी गाड़ियों में घूमने वाले सतुआ बाबा के लिए जनता के टैक्स के पैसों से बुलेटप्रूफ सुरक्षा का आवंटन सरकारी व्यवस्था के खोखलेपन को पूरी तरह बेनकाब करता है.’
सरकार को बजट के सदुपयोग पर ध्यान देना चाहिए- कांग्रेस
कांग्रेस ने आगे लिखा कि ‘संतों और अध्यात्म का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन आम जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से बनने वाले राजस्व का इस तरह वीआईपी सुरक्षा के नाम पर इस्तेमाल पूरी तरह से अनुचित है. सरकार को जनता की सुरक्षा और बजट के सदुपयोग पर ध्यान देना चाहिए, न कि चुनिंदा लोगों के वैभव की सुरक्षा पर.’
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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के 30 प्रमुख लोगों की सूची में एमएलसी समेत दोनों के नाम शामिल हैं और प्रत्येक के लिए एक-एक बुलेटप्रूफ जैकेट आवंटित की गई है. इसमें भी सतुआ बाबा को पहले ही एस्कॉर्ट के साथ Y श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में 8 और दूसरे चरण में 44 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दी गई. एक जैकेट की अनुमानित कीमत करीब 1.5 लाख रुपये बताई गई है. सरकार ने इस फैसले की खास वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सुरक्षा मुख्यालय ने सुरक्षा मानकों में बदलाव के तहत बुलेटप्रूफ जैकेट को VIP सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया है.

