लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा मुंबई के ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसे भाषा का राजनीतिकरण करार दिया और कहा कि इससे देश की भाषिक-भाविक एकता में दूरी और दुराव पैदा होगा. हर राज्य की मातृभाषा का सम्मान और उत्थान होना चाहिए, लेकिन किसी भी भाषा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. इससे देश की भाषिक-भाविक एकता में दूरी और दुराव पैदा होता है.

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उन्होंने सवाल किया कि मुंबई में भाजपा के उत्तर भारतीय नेता हैं या भ्रष्टाचार में लीन होकर ठंडे पड़े हैं. अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या इस तरह की भाषा-ज्ञान की शर्त रखकर किसी को संपूर्ण देश में व्यवसाय करने की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का हनन नहीं होता है? समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियाँ मुंबई में काम कर रही हैं, उन पर यह शर्त लागू नहीं होगी क्योंकि धन लोलुप भाजपा धनवानों के आगे कालीन की तरह बिछने को तैयार रहती है. उन्होंने कहा कि भाजपा का सारा जोर गरीबों, शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों पर ही चलता है.

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि एक तो भाजपा सरकार नौकरी-रोजगार नहीं दे रही है, दूसरी तरफ जो अपनी रोजी-रोटी अपनी मेहनत से कमा रहे हैं, उन पर भी वार-प्रहार कर रही है. कहीं इसके पीछे कमीशनखोरी का खेल तो नहीं? हो सकता है भाजपा को कमीशन का लालच देकर गाड़ियों की बड़ी कंपनियां आम जनता की सवारी ऑटो-रिक्शा ही बंद करवाना चाहती हों, जिससे लोग महंगी गाड़ियों से चलने को बाध्य हो जाएं.

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उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बाकी राज्यों ने भी स्थानीय भाषा के ज्ञान की यही अनिवार्य शर्त लगा दी तो क्या होगा? हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा नहीं होता और न ही हर व्यक्ति की भाषिक क्षमताएं एकदम से किसी भाषा को सीखने योग्य होती हैं. मानसिक दबाव में ऑटो चलाने से ड्राइवर के साथ-साथ सवारी और गाड़ी सबके लिए घातक साबित हो सकता हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर ऐसा ही है तो मुंबई-महाराष्ट्र की भाजपा घोषित कर दे कि वह हिंदी, ब्रज, बुंदेली, अवधी, भोजपुरी, मैथिली, हरियाणवी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, मारवाड़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयाली, ओड़िया, पंजाबी, कश्मीरी, असमिया, मणिपुरी समेत देश की तमाम भाषा-भाषियों का एक भी वोट नहीं लेगी. उन्होंने कहा कि सरकारों को दिल भी बड़ा रखना चाहिए और दिमाग भी.