Bihar news: पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही पूरे देश समेत बिहार में भी शिव भक्ति की बहार आ चुकी है। सावन की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर आज सुबह से ही पटना और आसपास के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मंदिरों का पूरा परिवेश ॐ नमः शिवाय, हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। सुबह से ही भक्तगण कतारों में खड़े होकर भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, धतूरा और बेलपत्र के साथ जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की मंगलकामना कर रहे हैं।

​हरिहर नाथ मंदिर में तेजस्वी यादव का जलाभिषेक

​बिहार के प्रमुख राजनीतिक चेहरे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस खास मौके पर हाजीपुर के प्रसिद्ध हरिहर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस दौरान उन्होंने राज्य की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

​ज्योतिषीय महत्व: बन रहा है विशेष संयोग

​ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से सावन की यह पहली सोमवारी बेहद दुर्लभ और खास मानी जा रही है। आज के दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का एक बेहद शुभ संयोग बन रहा है। पंडित राकेश झा के अनुसार, इस पूरे दिन जलाभिषेक का उत्तम मुहूर्त बना रहेगा, जबकि शाम के समय शिव-पार्वती का विशेष श्रृंगार और पूजन संपन्न होगा।

​सुहागिनों को मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

​सावन मास में देवों के देव महादेव की आराधना करने से सामान्य दिनों की तुलना में चार गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पंडित राकेश झा ने बताया कि आज के दिन विधिवत शिव-पार्वती की पूजा करने से सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। महामृत्युंजय मंत्र, वेदोक्त मंत्र और गायत्री मंत्र के साथ रुद्राभिषेक करने के बाद उमा-महेश्वर की श्रृंगार पूजा करने से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस वर्ष सावन मास में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिनमें दो कृष्ण पक्ष और दो शुक्ल पक्ष के अंतर्गत आते हैं। सावन की अंतिम और चौथी सोमवारी आगामी 24 अगस्त को मनाई जाएगी।

​महावीर मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक और व्यवस्थाएं

​राजधानी के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में भी सावन की पहली सोमवारी पर विशेष आयोजनों की धूम है। मंदिर परिसर में स्थित चार अलग-अलग शिवलिंगों पर रुद्राभिषेक कराने की खास व्यवस्था की गई है। आज पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तों ने रुद्राभिषेक में हिस्सा लिया, जबकि सावन के पहले दिन ही 61 भक्तों ने रुद्राभिषेक संपन्न कर लिया था।

  • ​समय सारिणी: तीन शिवलिंगों पर सुबह 5:00 बजे से अभिषेक की शुरुआत हो जाती है, जबकि महावीर जी के ठीक बगल वाले शिवलिंग पर दोपहर 12:00 बजे से रुद्राभिषेक शुरू होता है। इस विशेष शिवलिंग पर आम भक्त सुबह 5:00 बजे से सुबह 10:00 बजे तक जल अर्पित कर सकते हैं।
  • ​शुल्क विवरण: सोमवार के दिन रुद्राभिषेक के लिए 3,100 रुपए और सामान्य दिनों के लिए 2,500 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में पूजन सामग्री, दूध, फल, पंडित जी की दक्षिणा और मंदिर का शुल्क पूरी तरह शामिल है।
  • ​सुविधाएं: भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के अंदर स्थित चारों शिवलिंग मंडपों को सुंदर फूलों से सजाया गया है। इसके अलावा सभी शिव मंडपों में एयर कंडीशनर (AC) की आधुनिक व्यवस्था की गई है, जिससे भक्तों को भीषण गर्मी या उमस के बीच रुद्राभिषेक कराने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

​विराट रामायण मंदिर में अयोध्या के पुजारियों द्वारा अनुष्ठान

​महावीर मंदिर के अलावा कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर के भव्य शिव मंडप में स्थापित शिवलिंग पर भी विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है।

  • ​शुल्क और सामग्री: इसके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से 1,100 रुपए का किफायती शुल्क निर्धारित किया गया है, हालांकि इस व्यवस्था में भक्तों को पूजा की सामग्री खुद लानी होगी।
  • ​विशेष अतिथि: अनुष्ठान को पूर्ण कराने के लिए विशेष रूप से अयोध्या से दो विद्वान पुजारी आ रहे हैं जो शिव मंडप में पूरी विधि-विधान से रुद्राभिषेक संपन्न कराएंगे। इसके अतिरिक्त, जलाभिषेक के समय अत्यधिक भीड़ उमड़ने की स्थिति में सुगम दर्शन के लिए विशेष ‘अरघा’ की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।