धर्मेंद्र यादव, ओरछा (निवाड़ी)। बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से देश-दुनिया में विख्यात धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में विराजमान श्री रामराजा सरकार के दर्शन और आरती के समय में परिवर्तन कर दिया गया है। शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन यानी 27 अक्टूबर से नया समय लागू हो गया है। इसके तहत अब रामराजा सरकार प्रातः 8 बजे के बजाय 1 घंटे देरी से यानी सुबह 9 बजे जागेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। मौसम में बदलाव के अनुरूप यह परंपरा पिछले लगभग 500 वर्षों से अनवरत चली आ रही है।
अब यह रहेगा रामराजा सरकार के दर्शन का नया समय
राजशाही परंपरा के अनुसार, शरद पूर्णिमा के अगले दिन से शीतकालीन समय लागू हो जाता है, जो चैत्र पूर्णिमा तक प्रभावी रहता है। सुबह की सभा (राजभोग): सुबह 9:00 बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे। दोपहर 1:00 बजे राजभोग आरती के बाद कपाट बंद किए जाएंगे। संध्या सभा (व्यारी): शाम 7:00 बजे संध्या आरती के साथ कपाट खुलेंगे और रात्रि 9:30 बजे व्यारी आरती के बाद कपाट बंद हो जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद मान्यतानुसार भगवान रामराजा सरकार शयन (विश्राम) करने के लिए रात्रि में अयोध्या चले जाते हैं।
साल में दो बार मौसम के हिसाब से बदलता है समय
मंदिर परंपरा के जानकार राकेश अयाची और सहायक पुजारी भज्जू ओझा के अनुसार, ओरछा दरबार में रामराजा सरकार को राजाधिराज के रूप में पूजा जाता है। यहाँ राजशाही और धार्मिक मान्यताओं का पूर्ण पालन होता है।
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ग्रीष्मकालीन व्यवस्था
चैत्र पूर्णिमा से मंदिर सुबह 8:00 बजे खुलता है और 12:30 बजे राजभोग के बाद बंद होता है। शाम को 8:00 बजे कपाट खुलकर रात 10:30 बजे शयन आरती के बाद बंद होते हैं।
शीतकालीन व्यवस्था
शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन से ठंड की शुरुआत के कारण भगवान को एक घंटा देरी से जगाया जाता है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी दर्शन करने में सहूलियत होती है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ओरछा पहुँचने से पहले दर्शन के नए समय का ध्यान रखें, ताकि उन्हें सुलभ और सुविधाजनक दर्शन प्राप्त हो सकें।
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